नई दिल्ली। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में सरकार ने अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब एक सिलेंडर की डिलीवरी मिलने के बाद दूसरे सिलेंडर की डिलीवरी के लिए उपभोक्ताओं को कम से कम 21 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 15 दिन की थी, जिसे बढ़ाकर 21 दिन कर दिया गया है।
बताया गया है कि बदलते वैश्विक हालात और सप्लाई चेन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस नियम को लागू करने के लिए देशभर की गैस एजेंसियों ने अपने बुकिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को भी अपडेट कर दिया है।
सॉफ्टवेयर में लगाया गया डिजिटल लॉक
तेल कंपनियों ने बुकिंग सॉफ्टवेयर में डिजिटल लॉक सिस्टम लागू किया है, जो दो सिलेंडरों की डिलीवरी के बीच 21 दिन का अंतर अपने आप सुनिश्चित करेगा। यदि कोई उपभोक्ता तय समय से पहले सिलेंडर की मांग करता है तो सिस्टम उसकी बुकिंग स्वीकार नहीं करेगा। अधिकारियों के अनुसार यह कदम गैस की आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखने के लिए उठाया गया है।
साल में 15 सिलेंडर की सीमा
तेल कंपनियों ने वार्षिक कोटा भी स्पष्ट किया है। वर्तमान नियमों के तहत एक उपभोक्ता एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के दौरान अधिकतम 15 सिलेंडर ही खरीद सकता है। इनमें से 12 सिलेंडर सब्सिडी वाले होते हैं, जबकि बाकी 3 सिलेंडर बाजार मूल्य पर बिना सब्सिडी के मिलते हैं। इससे अधिक सिलेंडर लेने के लिए विशेष अनुमति या उचित कारण बताना जरूरी होगा।
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी
घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 7 मार्च से दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 1835 रुपये तक पहुंच गई है। कीमतों में बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्तरां और छोटे उद्योगों पर पड़ सकता है।
24 घंटे में डिलीवरी का भरोसा
सरकार ने नियमों में बदलाव के साथ सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया है। तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि बुकिंग होने के 24 घंटे के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए बॉटलिंग प्लांट्स को रविवार के दिन भी संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और समय पर सिलेंडर की बुकिंग कराते रहें, क्योंकि बाजार में गैस सिलेंडरों की कोई वास्तविक कमी नहीं है।
