नीरजा कुलवंत कुलसन ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जज की हिन्दी में शपथ ली

गुस्ताखी माफ़ हरियाणा – पवन कुमार बंसल

कल हाई कोर्ट के दो नए न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण समारोह था। हमारे जागरूक पाठक प्रदीप मलिक के सौजन्य से। हमारे रोहतक सेशन डिवीज़न की सेशंस जज नीरजा कुलवंत कलसन ने भी कल शपथ ली।

वैसे तो हर तीन-चार महीने में प्रोन्नति होती रहती है और शपथ समारोह भी होते हैं, लेकिन कल का दिन अलग था। जहाँ हर आदमी अंग्रेज़ी में बोलने को अपनी शान समझता हो, अंग्रेज़ी में न बोल पाने वाले को तुच्छ या हीन समझा जाए, वहाँ नीरजा कुलवंत कलसन ने हिंदी में शपथ ग्रहण कर न्यायमूर्ति के पद पर आसीन होकर एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया।

यह बात इसलिए मन को छू गई कि ऐसा लगा अब कोई अदालत ऐसी भी होगी, जहाँ आम आदमी की भाषा हिंदी को उतना ही सम्मान मिलेगा जितना अंग्रेज़ी को।

मैं यह नहीं कह रहा कि अंग्रेज़ी बोलना ग़लत है। मैं ख़ुद अंग्रेज़ी का प्रयोग लिखने में करता था, जब तक दीपक कुंडू ने मुझे हिंदी में लिखने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया। अदालत में आज भी बहस अंग्रेज़ी में ही करता हूँ। हर भाषा की अपनी ख़ूबसूरती है—अंग्रेज़ी की अपनी, हिंदी या अन्य किसी भी भाषा की अपनी।

लेकिन जिस देश में एक भाषा को “Language of the Elite” समझा जाए, वहाँ आम आदमी की भाषा—चाहे वह हिंदी हो, बंगाली, पंजाबी, मलयाली, तमिल या कोई भी—उसे प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि आम आदमी की बात वहाँ तक पहुँचे जहाँ असर हो।

आशा करता हूँ कि जो बदलाव मैं सोच रहा हूँ, वह आने वाले दिनों में नज़र आए।
शुभकामनाएँ Hon’ble Madam Justice Neerja Kulwant Kalson।

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