क़तर के शेख अहमद बिन नूह अलथानी से मिले नवाब काजिम अली खां, प्रिंस ऑफ क़तर ने दिया अपने देश आने का निमंत्रण

रामपुर। क़तर इक्वेस्ट्रियन एंड मॉडर्न पेंटाथलॉन फेडरेशन के महासचिव शेख अहमद बिन नूह अलथानी से पूर्व मंत्री और रामपुर के शाही परिवार के सदस्य नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच भारत–क़तर संबंधों और घुड़सवारी खेलों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

नई दिल्ली स्थित जयपुर पोलो ग्राउंड्स, रेस कोर्स में आयोजित इंडियन मास्टर्स पोलो चैंपियनशिप के समापन समारोह में दोनों हस्तियों की भेंट हुई।
शेख अहमद बिन नूह अलथानी इस समय भारत दौरे पर हैं। वहीं, नवाब नवेद मियां, जो रामपुर के अंतिम शासक नवाब रज़ा अली खां के पौत्र हैं, ने भी इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की।

🔹 क़तर ने नवाब नवेद मियां को अपने देश आने का दिया निमंत्रण

मुलाकात के दौरान प्रिंस ऑफ क़तर शेख अहमद बिन नूह अलथानी ने नवाब नवेद मियां को अपने देश क़तर आने का निमंत्रण दिया। दोनों ने खेलों के आदान-प्रदान और भारत-क़तर के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा की।

🔹 घुड़सवारी खेलों में अग्रणी है क़तर

नवेद मियां ने बताया कि क़तर आज घुड़सवारी और आधुनिक पेंटाथलॉन खेलों का वैश्विक केंद्र बन चुका है। क़तर के घुड़सवारों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय सफलताएं हासिल की हैं।
शेख अहमद बिन नूह अलथानी के नेतृत्व में कतर इक्वेस्ट्रियन एंड मॉडर्न पेंटाथलॉन फेडरेशन ने युवा खिलाड़ियों के लिए कई जमीनी स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें दौड़, तैराकी, निशानेबाज़ी, घुड़सवारी और तलवारबाज़ी जैसी विधाओं को शामिल किया गया है।

🔹 खेल और संस्कृति के माध्यम से भारत–क़तर संबंधों में नई मजबूती

इस मुलाकात को दोनों देशों के खेल और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
नवाब नवेद मियां ने कहा कि घुड़सवारी केवल एक खेल नहीं बल्कि संस्कृति, अनुशासन और परंपरा का प्रतीक है, और क़तर इस दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

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