Naval Exercise Milan 26: भारत करेगा अंतर्राष्ट्रीय नौसैन्य बेड़ा समीक्षा 2026 और बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘मिलन-26’ की मेजबानी

विशाखापत्तनम। वैश्विक स्तर पर समुद्री शक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय नौसैनिक सहयोग का केंद्र बनने जा रहा है। फरवरी 2026 में भारत अंतर्राष्ट्रीय नौसैन्य बेड़ा समीक्षा (International Fleet Review–IFR) 2026 और बहुराष्ट्रीय नौसैनिक युद्धाभ्यास मिलन-26 की मेजबानी करेगा। खास बात यह है कि इस अभ्यास में अमेरिका और रूस समेत कुल 55 देशों की नौसेनाएं हिस्सा लेंगी।

क्या है मिलन-26
मिलन-26 एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक युद्धाभ्यास है, जिसका आयोजन 15 से 25 फरवरी 2026 तक आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में किया जाएगा। इस अभ्यास में लगभग 70 युद्धपोतों के शामिल होने की संभावना है। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समन्वय, भरोसा और समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है।

भारत का महासागर विजन
मिलन-26 भारत के ‘महासागर विजन’ का अहम हिस्सा है, जिसके तहत भारत हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देना चाहता है। यह युद्धाभ्यास भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को भी मजबूती देता है और क्षेत्रीय व वैश्विक समुद्री साझेदारों के साथ सहयोग को नई दिशा प्रदान करता है।

राष्ट्रपति से हुई मुलाकात
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उनकी पत्नी प्रिया भल्ला भी मौजूद रहीं। बैठक में वाइस एडमिरल भल्ला ने राष्ट्रपति को मिलन-26 नौसैनिक युद्धाभ्यास और उससे जुड़े कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

विशाखापत्तनम में होंगे तीन बड़े समुद्री आयोजन
फरवरी 2026 में भारत विशाखापत्तनम में एक साथ तीन बड़े अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कार्यक्रमों की मेजबानी करेगा। इनमें अंतर्राष्ट्रीय नौसैन्य बेड़ा समीक्षा (IFR) 2026, बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन-26 और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) प्रमुखों का सम्मेलन शामिल है। यह पहला अवसर होगा जब भारत इन तीनों प्रतिष्ठित समुद्री आयोजनों का एक साथ आयोजन करेगा, जिसे वैश्विक समुद्री सहयोग के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि भारत इससे पहले 2001 और 2006 में भी अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू की मेजबानी कर चुका है। मिलन-26 और IFR 2026 के जरिए भारत एक बार फिर दुनिया को अपनी समुद्री ताकत और सहयोग की भावना का संदेश देगा।

 

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