नेशनल हेराल्ड केस: राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ ईडी की शिकायत पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
कोर्ट 29 जुलाई को देगा आदेश =
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत पर संज्ञान लेने को लेकर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख तय की है।
कोर्ट ने कहा, “प्रस्तावित आरोपियों की ओर से अधिवक्ताओं द्वारा विस्तृत दलीलें दी गई हैं। इसलिए निर्देशित किया जाता है कि सभी आरोपी 19 जुलाई 2025 तक अधिकतम 3-4 पन्नों में अपने तर्कों का सारांश कोर्ट में दाखिल करें।”
ईडी ने राहुल और सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल की नई शिकायत
प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 44 और 45 के तहत नई अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इसमें आरोप है कि इन दोनों नेताओं ने मनी लॉन्ड्रिंग (धारा 3 के तहत परिभाषित और धारा 4 के तहत दंडनीय अपराध) में संलिप्तता दिखाई है।
क्या है नेशनल हेराल्ड विवाद?
यह विवाद असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों के अधिग्रहण से जुड़ा है, जो कभी कांग्रेस समर्थित अखबार ‘नेशनल हेराल्ड’ प्रकाशित करता था।
वर्ष 2010 में एक नई कंपनी यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) बनाई गई, जिसने कांग्रेस पार्टी से ₹50 लाख में AJL का कर्ज खरीद लिया। इसके बाद YIL ने AJL की पूरी संपत्ति का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। बताया जाता है कि AJL की संपत्ति की कीमत उस समय ₹2,000 करोड़ से अधिक थी।
YIL में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की हिस्सेदारी सबसे ज़्यादा थी, जिस कारण उन पर यह आरोप लगे कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी के चंदे का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया।
ईडी की जांच और संपत्तियों की जब्ती
वर्ष 2014 में ईडी ने इस मामले में जांच शुरू की थी, जिसमें कांग्रेस पार्टी, AJL और YIL के बीच हुए वित्तीय लेन-देन को खंगाला गया। एजेंसी का आरोप है कि गांधी परिवार और अन्य कांग्रेस नेताओं ने AJL की संपत्तियों का निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया।
हाल ही में ईडी ने लगभग ₹661 करोड़ की AJL से जुड़ी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की है, जो PMLA के तहत की जा रही है।
