मिर्ज़ापुर में प्रस्तावित अडानी थर्मल पावर प्रोजेक्ट के विरोध में नेशनल हॉकर्स फेडरेशन उतरा मैदान में
पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए बताया गंभीर खतरा, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
मिर्ज़ापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर सदर तहसील क्षेत्र के ददरी खुर्द गांव में प्रस्तावित अडानी थर्मल पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ अब नेशनल हॉकर्स फेडरेशन ने भी मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को फेडरेशन के सदस्यों और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। उन्होंने इस परियोजना को पर्यावरण और जनस्वास्थ्य विरोधी बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की।
“प्राकृतिक संतुलन और नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा गंभीर असर”
नेशनल हॉकर्स फेडरेशन ने कहा कि इस थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होगा और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से राख, कार्बन, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे हानिकारक तत्व वातावरण में फैलेंगे, जिससे श्वसन रोग, त्वचा रोग, जल स्रोतों का प्रदूषण और कृषि भूमि की क्षति जैसी समस्याएं उत्पन्न होंगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर भी संकट
फेडरेशन ने चिंता व्यक्त की कि यह परियोजना मां विंध्यवासिनी धाम मार्ग जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी प्रभावित करेगी। इस मार्ग के पेड़-पौधे, वातावरण, और पर्यटन की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, स्थानीय पर्व, मेले और धार्मिक आयोजन भी इस प्रदूषण की चपेट में आ सकते हैं।
स्वतंत्र पर्यावरणीय मूल्यांकन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की मांग
ज्ञापन में यह मांग भी की गई कि इस परियोजना को तत्काल निरस्त किया जाए, और इसका स्वतंत्र वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मूल्यांकन कराया जाए। साथ ही सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे वैकल्पिक और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। निर्णय लेने से पहले स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण विशेषज्ञों से विमर्श की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मिर्ज़ापुर को हरित और सुरक्षित जिला घोषित करने की अपील
नेशनल हॉकर्स फेडरेशन ने मांग की कि मिर्ज़ापुर को एक हरित एवं सुरक्षित जिला घोषित किया जाए और यहां हरित विकास मॉडल को प्राथमिकता दी जाए। फेडरेशन ने कहा कि वे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रशासन से तत्काल संवेदनशील कार्रवाई की अपील करते हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता रहे उपस्थित
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश कुमार तिवारी, मनीष सिंह, स्मृति गुप्ता, वेंकटेश राय सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे और परियोजना के विरोध में अपने विचार रखे।
