यावर राशिद यावर ने “हवाओं से नजरें मिलाने लगा हुं ,मैं अब रेत पर घर बनाने लगा हूं ।सुनाई।शमीम शोला ने “किसको कहते हैं पसीने की कमाई पूछो,ये बनाएंगे तुम्हें धूप में जलने वाले”सुनाई।ग़ज़ल प्रस्तुत करने वालों में ममता मेहरोत्रा,कासिम खुर्शिद, सविता राज श्वेता ग़ज़ल,राकेश कुमार, डॉ. मीना कुमारी परिहार,शमीम शोला ,प्रखर पुंज,अविनाश बंधु ,पूनम सिन्हा श्रेयशी,रेखा भारती मिश्र ,ओसामा खान ,अमृतेश कुमार मिश्रा,आराधना प्रसाद,अनीता मिश्रा सिद्धि,मो नसीम अख़्तर,विकाश राज,यावर राशिद”यावर”,राजकांता राज कई शायरों ने काफी प्रभावित किया।
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