कक्षा 7 की एनसीईआरटी किताब से मुगल और दिल्ली सल्तनत हटा, भारतीय राजवंशों और परंपराओं पर ज़ोर
नई एनसीईआरटी सामाजिक विज्ञान पुस्तक से मुगल और दिल्ली सल्तनत पूरी तरह हटा
नई दिल्ली: कक्षा 7 की एनसीईआरटी सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक ‘Exploring Society: India and Beyond’ से मुगल और दिल्ली सल्तनत से जुड़े सभी संदर्भ हटा दिए गए हैं। इसमें तुगलक, खिलजी, ममलूक और लोदी जैसे वंशों की जानकारी अब शामिल नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि यह संशोधित पाठ्यक्रम का पहला भाग है, और दूसरा भाग आने वाले महीनों में जारी किया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हटाई गई सामग्री भविष्य में शामिल की जाएगी या नहीं।
‘भारतीय दृष्टिकोण’ पर केंद्रित है नया पाठ्यक्रम
नई पाठ्यपुस्तक में प्राचीन भारतीय राजवंशों जैसे मगध, मौर्य, शुंग और सातवाहन पर नए अध्याय जोड़े गए हैं। इसके साथ ही “भारतीय दृष्टिकोण” (Indian ethos) को केंद्र में रखते हुए पाठ्यक्रम को पुनर्निर्मित किया गया है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCFSE) 2023 के अनुरूप किया गया है।
“पवित्र स्थल कैसे बनते हैं” पर विशेष अध्याय
नए सामाजिक विज्ञान पुस्तक में ‘How the Land Becomes Sacred’ नामक अध्याय जोड़ा गया है, जिसमें भारत और विश्व के प्रमुख तीर्थ स्थलों की जानकारी दी गई है। इसमें 12 ज्योतिर्लिंग, चार धाम यात्रा, शक्तिपीठ, पवित्र नदियाँ, पर्वत और वन जैसे स्थानों को “पवित्र भूगोल” (Sacred Geography) के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस अध्याय में सभी धर्मों — हिन्दू, इस्लाम, ईसाई, जैन, सिख, पारसी, बौद्ध और यहूदी धर्मों — के तीर्थ स्थलों का उल्लेख है। इसमें जवाहरलाल नेहरू का यह उद्धरण भी है: “भारत एक तीर्थों की भूमि है।”
जाति व्यवस्था पर भी विचार
नई किताब में ‘वर्ण-जाति व्यवस्था’ पर एक अध्याय शामिल है, जिसमें बताया गया है कि यह व्यवस्था समाज में स्थिरता लाने के उद्देश्य से बनी थी, लेकिन समय के साथ यह कठोर हो गई, विशेषकर ब्रिटिश शासन के दौरान, जिससे असमानता बढ़ी।
आधुनिक भारत और सरकारी योजनाओं का उल्लेख
पुस्तक में ‘मेक इन इंडिया’, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, और ‘अटल टनल’ जैसी वर्तमान सरकारी पहलों का भी उल्लेख है। प्रयागराज के महाकुंभ मेले में इस वर्ष आए 660 मिलियन लोगों का जिक्र किया गया है, हालांकि इसमें 30 लोगों की मौत वाली भगदड़ की घटना का उल्लेख नहीं है।
संविधान और तिरंगे के अधिकार पर अध्याय
संविधान पर आधारित एक अध्याय में 2004 में सुप्रीम कोर्ट के उस ऐतिहासिक फैसले का उल्लेख है, जिसमें एक आम नागरिक द्वारा घर पर तिरंगा फहराने के अधिकार को लेकर दायर याचिका पर निर्णय दिया गया था। कोर्ट ने माना कि तिरंगा फहराना “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” के मौलिक अधिकार का हिस्सा है।
अंग्रेजी पुस्तक में भी भारतीय लेखकों को प्रमुखता
कक्षा 7 की नई अंग्रेजी पुस्तक ‘Poorvi’ में 15 कहानियों, कविताओं और लेखों में से 9 भारतीय लेखकों या भारतीय विषयों पर आधारित हैं। इनमें रवींद्रनाथ ठाकुर, एपीजे अब्दुल कलाम और रस्किन बॉन्ड जैसे लेखक शामिल हैं। यह पिछले संस्करण ‘Honeycomb’ से अलग है, जिसमें केवल 4 भारतीय लेखक शामिल थे।
