देवेश शर्मा
माँ- वो मूरत है जो कभी टूट नहीं सकती
वो ममता है जो कभी सूख नहीं सकती…
माँ एक अनमोल उपहार है, यदि इस संसार में कोई सबसे पवित्र रिश्ता है, तो वो है माँ का रिश्ता।
माँ की ममता वह धागा है जो हमें जन्म से पहले और जीवन भर बाँध कर रखता है। माँ अपने बच्चे की हर मुस्कान, हर
आँसू, हर जरूरत को बिना कहे समझ जाती है। माँ की गोद में सुकून है, उसकी बातों में दुआएं है, और उसके आँचल में
दुनिया की सबसे बड़ी छाया है।
माँ अपना सारा जीवन अपने बच्चों की खुशियों के लिए समर्पित कर देती है, वह अपनी नींद, आराम, यहाँ तक की अपने
सपनों को भी कुर्बान कर देती है, ताकि उसके बच्चे सुखी रहें। माँ बिना किसी स्वार्थ के अपने बच्चे, परिवार के लिए
सबकुछ कर जाती है।
माँ न केवल एक देखभाल करने वाली होती है, बल्कि वह जीवन के हर मोड़ पर हमारी सलाहाकार भी होती है। जब हम
थक जाते हैं, माँ हमें हिम्मत हेती है, जब हम गिरते है, माँ हमें उठाती है। वह अपने अनुभव से हमें जीवन जीने की कला
सिखाती है।
माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक एहसास है, एक भावना है जो हर दिल में बसी होती है। उसकी तुलना किसी से नही
की जा सकती, क्योंकी वह स्वयं ईश्वर का रूप होती है। हर दिन माँ के लिए खाँस होना चाहिए।
देवेश शर्मा
