मिर्जापुर: मानसून के बाद भी अति जर्जर भवनों पर चुप नगर पालिका, सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित कार्रवाई

  • रिपोर्ट- मंजय वर्मा

मिर्जापुर, 18 जून: जिले में मानसून की दस्तक के बावजूद नगर पालिका द्वारा शहर में स्थित अति जर्जर भवनों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नगर पालिका ने केवल खानापूर्ति करते हुए 63 मकानों को नोटिस थमाया है, जबकि कसरहट्टी और बभनइया मुहल्ला जैसे क्षेत्रों में मिट्टी से बने 100 से डेढ़ सौ साल पुराने जर्जर भवन पूरी तरह अनदेखी के शिकार हैं।

कसरहट्टी क्षेत्र में मजदूर इन खस्ताहाल मकानों में बर्तन बनाने का कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका जीवन हर वक्त खतरे में बना हुआ है। वहीं, कई अति जर्जर भवनों में प्रतिबंधित बेलन मशीनों से अवैध कारोबार भी खुलेआम चल रहा है, मगर प्रशासन की आंखें इस ओर बंद हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका केवल मुख्य सड़कों के किनारे स्थित मकानों को ही नोटिस भेजती है, ताकि कार्रवाई की खानापूर्ति दिखाई जा सके। कसरहट्टी क्षेत्र में ही 100 से अधिक खतरनाक मकानों में भट्टियों का संचालन हो रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय प्रशासन की इस लापरवाही को लेकर नागरिकों में नाराजगी है। लोगों ने नगर पालिका से तत्काल संज्ञान लेकर सभी जर्जर भवनों की जांच कर नोटिस जारी करने और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

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