रुद्राक्ष धारण के चमत्कारी लाभ: भगवान शिव का आशीर्वाद पाने से लेकर करियर व धन लाभ तक, जानें सही नियम और पहचान
नई दिल्ली। हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को अत्यंत पवित्र माना गया है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न हुआ है, इसलिए इसे शिव का प्रत्यक्ष स्वरूप माना जाता है। माना जाता है कि रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति के जीवन में धन, करियर, स्वास्थ्य और मानसिक शांति से जुड़े अनेक लाभ प्राप्त होते हैं।
भगवान शिव से रुद्राक्ष का संबंध
रुद्राक्ष को महादेव का आशीर्वाद माना जाता है। इसे माला या ब्रेसलेट के रूप में धारण किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि रुद्राक्ष पहनने से:
नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
मन शांत रहता है
भाग्य खुलता है
जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है
असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान
रुद्राक्ष का प्रभाव तभी मिलता है जब वह असली हो। इसकी पहचान ऐसे करें—
रुद्राक्ष को पानी में डालें: यदि वह डूब जाए, तो वह असली है।
अनुभवी पुजारी या विशेषज्ञ से जांच करवाएं।
असली रुद्राक्ष की प्रत्येक ‘मुख’ की रेखा ऊपर से नीचे तक स्पष्ट दिखती है।
रुद्राक्ष की माला में कितने दाने पहनें?
108 दानों वाली माला सबसे शुभ मानी जाती है।
54 या 27 दानों की माला भी धारण की जा सकती है।
मान्यता है कि इन संख्याओं में धारण करने से शिव कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।
रुद्राक्ष पहनने का सही तरीका
हमेशा लाल, पीले या सफेद धागे में धारण करें।
काले धागे में रुद्राक्ष पहनना वर्जित माना जाता है।
पहनने से पहले रुद्राक्ष को गंगाजल से धोकर शिवलिंग पर अर्पित करें, फिर धारण करें।
रुद्राक्ष धारण करते समय ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप लाभकारी होता है।
राशि अनुसार शुभ रुद्राक्ष
मेष: 5 मुखी
वृषभ: 6 और 10 मुखी
मिथुन: 4 और 11 मुखी
कर्क: 4 मुखी और गौरी शंकर
सिंह: 5 मुखी
कन्या: गौरी शंकर
तुला: 7 मुखी और गणेश रुद्राक्ष
वृश्चिक: 8 मुखी और 13 मुखी
धनु: 9 मुखी और 1 मुखी
मकर: 10 मुखी और 13 मुखी
कुंभ: 7 मुखी
मीन: 1 मुखी
डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।
