चुनाव प्रक्रिया में व्यय निगरानी, शिकायत निवारण एवं मीडिया मॉनिटरिंग से संबंधित कार्यों की प्रगति का आकलन हेतु बैठक

व्यय प्रेक्षक आस्थानंद पाठक ने डीएम-एसपी सहित अन्य अधिकारियों के साथ की बैठक

  • रिपोर्ट: सरफराज आलम 

लखीसराय। व्यय प्रेक्षक आस्थानंद पाठक ने जिला अकाउंटिंग टीम, जिला ग्रीवांस टीम एवं मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) टीम के वरीय पदाधिकारी, नोडल पदाधिकारी एवं कर्मियों के साथ ज़िला अतिथि गृह में बैठक किया गया।

सर्वप्रथम जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह- जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र एवं एसपी अजय कुमार द्वारा प्रेक्षक आस्थानंद पाठक का पुष्प कुछ देकर स्वागत किया गया तत्पश्चात बैठक की कार्रवाई शुरू की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में व्यय निगरानी, शिकायत निवारण एवं मीडिया मॉनिटरिंग से संबंधित कार्यों की प्रगति का आकलन करना तथा भावी रणनीति तय करना था।

व्यय प्रेक्षक महोदय ने सभी टीमों के कार्यों का विस्तृत परीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में व्यय प्रेक्षक श्री आस्थाननंद पाठक ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

जिला प्रशासन द्वारा गठित ये टीमें चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अकाउंटिंग टीम का कार्य उम्मीदवारों के व्यय का सटीक लेखा-जोखा रखना है, जबकि जिला ग्रीवांस टीम चुनाव संबंधी शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करती है। वहीं, एमसीएमसी टीम मीडिया माध्यमों पर पेड न्यूज एवं अनुचित प्रचार सामग्री की निगरानी करती है।

प्रेक्षक महोदय ने स्पष्ट किया कि ये सभी कोषांग अलग-अलग नहीं हैं, अपितु एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिए, सभी टीमों को आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करना होगा। किसी भी प्रकार की सूचना या शंका के मामले में तत्काल संपर्क साधना चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुगम एवं निष्पक्ष बनी रहे।

विशेष रूप से एमसीएमसी टीम के संदर्भ में प्रेक्षक महोदय ने पेड न्यूज की निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पेड न्यूज मतलब किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल द्वारा प्रचार के लिए भुगतान कर समाचारों को सामान्य खबरों के रूप में प्रसारित करना। इसके उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है। टीम को निर्देश दिया गया कि सभी समाचार पत्रों, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का दैनिक अवलोकन करें। इसके अलावा, टीवी चैनलों, ऑनलाइन पोर्टलों पर प्रसारित हो रहे विभिन्न समाचारों का सतत एवं सतर्क निरीक्षण किया जाए। यदि कहीं पेड न्यूज की आशंका हो या कोई संदिग्ध सामग्री दिखे, तो तुरंत व्यय निगरानी सेल को सूचित किया जाए। प्रेक्षक महोदय ने कहा कि सतर्कता ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है। छोटी-छोटी लापरवाही भी बड़े उल्लंघन का कारण बन सकती है। इसलिए, टीम सदस्यों को प्रशिक्षण एवं तकनीकी उपकरणों का उपयोग कर अपनी क्षमता बढ़ानी चाहिए।

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी श मिथिलेश मिश्र, पुलिस अधीक्षक लखीसराय अजय कुमार,अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी मोo मुस्तकीम, नोडल पदाधिकारी लेखा, व्यय अनुश्रवण कोषांग मनोज कुमार, नोडल पदाधिकारी मीडिया कोषांग सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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