Margashirsha Amavasya 2025: पितरों को प्रसन्न करने का विशेष दिन, तर्पण व दान-पुण्य से मिलता है आशीर्वाद — जानें क्या करें और क्या न करें

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का अत्यंत विशेष महत्व है। हर महीने पड़ने वाली अमावस्या पितरों को समर्पित होती है, और इस दिन तर्पण, श्राद्ध व दान-पुण्य करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। मान्यता है कि इस दिन पितर प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद देते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।

वैदिक पंचांग के अनुसार आज, 20 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह की अमावस्या तिथि है, जिसे मार्गशीर्ष अमावस्या कहा जाता है। इस दिन धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है, लेकिन इसके साथ ही कुछ नियम और सावधानियां भी बताई गई हैं, जिन्हें पालन न करने पर पितर नाराज हो सकते हैं और पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है।

मार्गशीर्ष अमावस्या पर न करें ये गलतियां
1. मांस-मदिरा का सेवन न करें

अमावस्या के दिन मांसाहारी भोजन और शराब का सेवन वर्जित माना गया है। ऐसा करने से पितर अप्रसन्न होते हैं। इस दिन सात्विक भोजन करना श्रेष्ठ माना गया है।

2. झगड़ा-विवाद से दूर रहें

किसी से झगड़ा, वाद-विवाद या अपशब्द कहना पूरी तरह निषेध है। यह पितरों के अप्रसन्न होने का कारण बन सकता है और पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है।

3. रात में सुनसान स्थान या श्मशान के पास न जाएं

अमावस्या की रात नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय मानी जाती है। इसलिए गलती से भी श्मशान या निर्जन स्थानों पर जाना शुभ नहीं है।

4. जरूरतमंद को खाली हाथ न लौटाएं

यदि इस दिन कोई जरूरतमंद मिले तो उसे बिना मदद किए न जाने दें। दान-पुण्य अमावस्या पर विशेष फलदायी माना जाता है।

मार्गशीर्ष अमावस्या के शुभ नियम और उपाय
1. गंगा स्नान या गंगाजल मिश्रित जल से स्नान

गंगा स्नान को अत्यंत शुभ माना गया है। यदि संभव न हो, तो स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

2. दान-पुण्य अवश्य करें

इस दिन भोजन, वस्त्र, तेल, तिल, साबुत अनाज या अपनी क्षमता के अनुसार किसी भी वस्तु का दान करना अत्यंत पुण्यकारी है।

3. गाय, कुत्ते और कौवे को भोजन कराएं

पितरों की कृपा प्राप्त करने हेतु इन तीनों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। कौवे को भोजन देना विशेष रूप से पितरों के लिए महत्व रखता है।

4. पीपल के नीचे दीपक जलाएं

अमावस्या की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना पितरों को प्रसन्न करने का प्रमुख उपाय माना गया है।

डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता। 

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