लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स पर कार्यरत करीब 2 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सैलरी में बढ़ोतरी का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय के तहत कर्मचारियों के वेतन में 8 हजार से 11 हजार रुपये तक की वृद्धि की गई है।
सरकार के इस फैसले के अनुसार चपरासी और चौकीदार का वेतन 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर, ट्रांसलेटर और डेटा एंट्री ऑपरेटर को अब 14 हजार की जगह 23 हजार रुपये मिलेंगे। इसके अलावा सीनियर प्रोग्रामर का वेतन बढ़ाकर 37,400 रुपये तक कर दिया गया है। नई वेतन व्यवस्था अप्रैल से लागू होगी।
सरकार ने सैलरी बढ़ाने के साथ-साथ कर्मचारियों को अतिरिक्त सुविधाएं भी दी हैं। अब उन्हें EPF (प्रोविडेंट फंड) में 13 प्रतिशत और ESI (स्वास्थ्य बीमा) में 3.25 प्रतिशत का योगदान मिलेगा, जिससे भविष्य की सुरक्षा और इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी।
इस योजना को लागू करने के लिए सरकार ने बजट में भी बढ़ोतरी की है। विभाग के लिए 426 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं, जिससे कुल बजट बढ़कर 2,223.84 करोड़ रुपये हो गया है। यह निर्णय विधानसभा में घोषित किया गया था।
भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने यूपी आउटसोर्स सर्विस कॉर्पोरेशन (UPCOS) का गठन किया है। अब सभी भर्तियां इसी के माध्यम से की जाएंगी। साथ ही आउटसोर्स नौकरियों में आरक्षण भी लागू किया गया है, जिसमें एससी को 21%, एसटी को 2%, ओबीसी को 27% और ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण मिलेगा।
सरकार के इस फैसले से लंबे समय से कम वेतन पर काम कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
