- रिपोर्ट- मजंय वर्मा
लखनऊ, 23 अप्रैल — उत्तर प्रदेश सरकार अब भारत-नेपाल की 579 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हाईटेक निगरानी के लिए सेटेलाइट तकनीक का सहारा लेगी। इस पहल के तहत सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ, सोने की तस्करी और मदरसों की संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी सरकार करीब 500 करोड़ रुपए खर्च कर यह अत्याधुनिक सेटेलाइट प्रणाली तैयार कराएगी। इस कार्य में इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) की तकनीकी मदद ली जा रही है। इस पहल से न सिर्फ सुरक्षा बल्कि आपदा प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी। सेटेलाइट के माध्यम से बे-मौसम बारिश, ओलावृष्टि और बाढ़ जैसे प्राकृतिक आपदाओं के सटीक पूर्वानुमान मिल सकेंगे।
सेटेलाइट परियोजना को विश्व बैंक पोषित एग्रीज परियोजना से 200 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी भी मिल चुकी है। अब परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए एक उपयुक्त एजेंसी का चयन जल्द ही किया जाएगा।
असम के बाद उत्तर प्रदेश देश का दूसरा राज्य होगा जो अपनी निगरानी और आपदा प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए सेटेलाइट का इस्तेमाल करेगा। इस पहल को राज्य की सुरक्षा, कृषि और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
