अलवर। अलवर में तहसीलदार की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सुबह 10 बजे ऑफिस खुलने का समय निर्धारित है, लेकिन तय समय के बावजूद तहसीलदार अपनी सीट पर उपस्थित नहीं रहीं। हैरानी की बात यह रही कि जब जिला कलेक्टर समय से पहले अपने कार्यालय में पहुंच गईं, तब भी तहसीलदार 10:40 बजे तक कार्यालय नहीं पहुंच पाईं।
स्थानीय लोगों और कार्यालय के कर्मचारियों में इस लापरवाही को लेकर खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शीर्ष अधिकारी खुद समय का पालन कर रहे हैं, तो तहसीलदार जैसी जिम्मेदार पदाधिकारी द्वारा इस तरह की उदासीनता क्यों दिखाई जा रही है।
स्थिति केवल तहसीलदार तक ही सीमित नहीं है। बताया जा रहा है कि रीडर आयुष सिंघल भी कार्यालय में समय पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही समय का पालन नहीं करेंगे तो जिला प्रशासन के अन्य कर्मचारियों का क्या हाल होगा?
जनता और कर्मचारियों की मांग है कि जिला प्रशासन इस लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करे ताकि अनुशासन की भावना मजबूत हो और कार्य संस्कृति में सुधार आए।
