मोदीनगर। मोदीनगर के गोविंदपुरी क्षेत्र में पहले जो चौकी थी, उसे हल्का बना दिया गया और अब यह हल्का भी खत्म होने की कगार पर है। पहले लोगों को सूचना दी जा रही थी कि चौकी को थाना बनाया जाएगा, लेकिन यह मामला उल्टा हो गया।
चौकी में स्टाफ की कमी
वर्तमान में चौकी में सिर्फ चार कर्मचारी ही मौजूद हैं। इतने कम स्टाफ के साथ बड़े क्षेत्र में
गस्त करना,
नोटिस तामील करना,
सूचना पर कार्रवाई करना,
या गाजियाबाद कोर्ट में मामलों का सामना करना
कठिन हो गया है। लोगों का कहना है कि इतनी कम संख्या में चौकी अपने कर्तव्यों का निर्वाह नहीं कर पा रही।
जनता की समस्याएं
गोविंदपुरी क्षेत्र के लोग शिकायत लेकर दरोगा के पास जाते हैं, तो उन्हें बताया जाता है कि इंस्पेक्टर साहब से बात करो, इंस्पेक्टर साहब कहते हैं एसीपी साहब से बात करो, और एसीपी सिर्फ जांच के आदेश देते हैं। मुकदमा दर्ज होने के लिए डीसीपी के आदेश की आवश्यकता होती है।
स्थिति पर असर
इस स्थिति में मोदीनगर की जनता समस्याओं के समाधान के लिए दौड़ती रहती है, लेकिन सही सुनवाई और त्वरित कार्रवाई नहीं हो पा रही है। क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और पीड़ितों की शिकायतों का निपटान करने की प्रक्रिया धीमी और जटिल बनी हुई है।
