लिकटेंस्टीन: यूरोप का सबसे अमीर देश, बिना एयरपोर्ट और अपनी करेंसी के बना आर्थिक महाशक्ति

यूरोप का छोटा-सा देश लिकटेंस्टीन आज दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में गिना जाता है। महज करीब 160 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला यह देश न तो अपना एयरपोर्ट रखता है और न ही अपनी अलग मुद्रा, फिर भी आर्थिक मजबूती के मामले में कई बड़े देशों को पीछे छोड़ चुका है। वर्ष 2025 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों के अनुसार, लिकटेंस्टीन यूरोप का सबसे अमीर देश माना गया है।

एयरपोर्ट नहीं, फिर भी कनेक्टिविटी मजबूत
लिकटेंस्टीन का क्षेत्रफल बेहद छोटा होने के कारण यहां किसी एयरपोर्ट का निर्माण नहीं किया गया। यहां आने-जाने के लिए लोग आमतौर पर पड़ोसी देश स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख या अल्टेनराइन एयरपोर्ट का उपयोग करते हैं। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के चलते आवाजाही में किसी तरह की परेशानी नहीं होती।

अपनी मुद्रा नहीं, स्विस फ्रैंक का इस्तेमाल
इस देश की एक और खास बात यह है कि यहां अपनी अलग करेंसी नहीं है। लिकटेंस्टीन वर्ष 1924 से स्विस फ्रैंक का उपयोग कर रहा है। यह स्विट्जरलैंड के साथ कस्टम्स और मुद्रा संघ में शामिल है, इसलिए यहां न तो यूरो की जरूरत पड़ी और न ही अपनी मुद्रा जारी करने की।

आखिर इतनी अमीरी कैसे आई?
लिकटेंस्टीन की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से हाई-टेक इंडस्ट्री पर आधारित है। यहां डेंटल टूल्स, प्रिसिजन मशीनरी और आधुनिक तकनीक से जुड़े उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्माण और निर्यात होता है। इसके अलावा कम टैक्स दर (लगभग 12.5%) विदेशी कंपनियों को यहां निवेश के लिए आकर्षित करती है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज की बड़ी भूमिका
इस देश की अमीरी में निजी बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और ट्रस्ट कंपनियों का अहम योगदान है। कम टैक्स और वित्तीय गोपनीयता के चलते दुनिया भर के अमीर लोग यहां अपना पैसा निवेश करते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होती है।

कम आबादी, ज्यादा आय
लिकटेंस्टीन की कुल आबादी लगभग 40 हजार है। अर्थव्यवस्था का आकार बड़ा होने के कारण जब GDP को इतनी कम आबादी में बांटा जाता है, तो प्रति व्यक्ति आय बेहद ऊंची दिखाई देती है, जो इसे दुनिया के सबसे अमीर देशों की सूची में शामिल करती है।

बेरोजगारी नाममात्र की
यहां बेरोजगारी दर मात्र 1 से 2 प्रतिशत के बीच है। अधिकांश लोग रोजगार में हैं, जबकि करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग पड़ोसी देशों से रोजाना काम करने आते हैं। ऊंची सैलरी, बेहतर सुविधाएं और उच्च जीवन स्तर लिकटेंस्टीन को रहने और काम करने के लिए बेहद आकर्षक बनाते हैं।

छोटा आकार होने के बावजूद लिकटेंस्टीन ने यह साबित कर दिया है कि सही आर्थिक नीतियों, तकनीकी विकास और मजबूत वित्तीय व्यवस्था के दम पर कोई भी देश वैश्विक स्तर पर आर्थिक ताकत बन सकता है।

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