कानूनी जागरूकता ही शोषण के विरुद्ध सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है – एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह भादू

ऐलनाबाद, 6 जनवरी(एम पी भार्गव): कानून के प्रति अज्ञानता के कारण कई बार निर्दोष लोग शोषण का शिकार हो जाते हैं, जबकि कानून के प्रति जागरूक नागरिक अन्याय के विरुद्ध प्रभावी ढंग से आवाज उठाने में सक्षम होता है। कानूनी जागरूकता समाज के हर व्यक्ति के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का कार्य करती है। उपरोक्त शब्द एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह भादू ने सब-डिवीजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आशीष आर्य के निर्देशानुसार सब-डिवीजनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की ओर से खंड के गांव कुत्ताबढ़ में ग्रामीण सचिवालय में आयोजित कानूनी जागरूकता शिविर के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहे।
एडवोकेट भादू ने कानून की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक हो गई है। कानून केवल वकीलों या किसी विशेष वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि चाहे सड़क पर चलना हो, किसी प्रकार का अनुबंध करना हो, डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना हो या सामाजिक दायित्वों का निर्वहन—जीवन के हर क्षेत्र में कानून की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने बताया कि कानून की सही जानकारी होने से व्यक्ति अपने अधिकारों को पहचानता है और अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग बनता है, जिससे समाज में न्याय और समानता की भावना मजबूत होती है।
डिजिटल युग की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए एडवोकेट भादू ने कहा कि साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी सूचनाओं से बचाव के लिए कानून की बुनियादी समझ आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। अंत में उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे स्वयं कानून को समझें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें, क्योंकि जागरूक नागरिक ही सशक्त, सुरक्षित और न्यायपूर्ण राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं।

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