Kitchen Rules। हिंदू धर्म में रसोई घर को मंदिर के समान पवित्र और पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है, इसलिए यहां शुद्धता और नियमों का विशेष ध्यान रखने की परंपरा रही है। यही कारण है कि घर की बुजुर्ग महिलाएं रसोई से जुड़े नियमों का पालन करने की सलाह देती हैं, ताकि घर में अन्न और धन की कभी कमी न हो और मां अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहे।
अक्सर देखा जाता है कि महिलाएं आटा गूंथने के बाद उस पर उंगलियों के निशान लगाती हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि यदि आटा गूंथने के बाद उस पर उंगलियों के निशान नहीं लगाए जाते, तो इसे अशुभ माना जाता है और घर की बुजुर्ग महिलाएं इस बात पर नाराज भी हो जाती हैं।
धार्मिक विश्वासों के अनुसार, आटा गूंथने के बाद उस पर उंगलियों के निशान इसलिए लगाए जाते हैं ताकि पितर नाराज न हों और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहे। कहा जाता है कि बिना निशान वाला आटा पिंड के स्वरूप जैसा माना जाता है, जिसका उपयोग पितृ कर्म और पिंडदान के समय किया जाता है। इसी कारण आटे पर उंगलियों के निशान बनाकर उसे पिंड स्वरूप से अलग किया जाता है।
इसके अलावा रसोई से जुड़े कुछ अन्य नियमों का पालन करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि खाना बनाते समय पहली रोटी गाय के लिए निकालनी चाहिए, जिससे देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। रोटी बनाते समय बचे हुए सूखे आटे यानी पलोथन को वापस गूंथे हुए आटे में नहीं मिलाना चाहिए, बल्कि उसे अलग डिब्बे में रखना चाहिए।
रसोई की स्लैब पर गिरा आटा फर्श पर नहीं गिराना चाहिए, बल्कि गीले कपड़े से साफ करना चाहिए, क्योंकि फर्श पर गिरा आटा पैरों में लग सकता है, जिसे अन्न का अपमान माना जाता है। वहीं, रात में बचे हुए आटे से रोटी बनाना भी अशुभ माना गया है, क्योंकि इससे घर में नकारात्मकता आने की मान्यता है।
धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार रसोई के इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां अन्नपूर्णा की कृपा सदैव परिवार पर बनी रहती है।
डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।
