नई दिल्ली। हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं।
इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। दिनभर व्रत रखने के बाद महिलाएं बेसब्री से चांद का इंतजार करेंगी ताकि पूजन कर व्रत खोल सकें।
करवा चौथ 2025 में चंद्रोदय का समय
वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष करवा चौथ पर चंद्रोदय रात 8 बजकर 13 मिनट पर होगा। हालांकि, देश के विभिन्न हिस्सों में यह समय कुछ मिनटों का अंतर रख सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में भी चांद का दीदार रात 8:13 बजे होगा।
करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त
इस दिन महिलाएं चौथ माता, भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करती हैं। इस वर्ष करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 से 7:07 बजे तक रहेगा।
अर्थात् पूजा के लिए कुल 1 घंटा 14 मिनट का समय रहेगा।
सरगी खाने का शुभ मुहूर्त
करवा चौथ की शुरुआत सरगी से होती है, जिसे ब्रह्म मुहूर्त में ग्रहण किया जाता है।
इस बार सरगी का शुभ समय सुबह 4:40 से 5:30 बजे तक रहेगा।
100 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस करवा चौथ पर 100 वर्षों बाद एक दुर्लभ योग बन रहा है, जो कई राशियों के लिए शुभ फलदायक रहेगा। माना जा रहा है कि इस दिन पत्नी का सौभाग्य पति के जीवन में धन और समृद्धि का संचार करेगा।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित है। पाठकों को इसे श्रद्धा और विश्वास के साथ ग्रहण करना चाहिए।
