कैथल – कैथल से दो बार विधायक रह चुके और हरियाणा सरकार में लोक संपर्क मंत्री रहे सुरेंद्र मदान का निधन हो गया। वह नोएडा में एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे, जहां बीती रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर से शहर में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
सुरेंद्र मदान ने वर्ष 1987 में लोकदल के टिकट पर कैथल विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। उस समय चौधरी देवी लाल के नेतृत्व में हरियाणा में लोकदल की सरकार बनी थी। अपने मिलनसार स्वभाव और मजबूत जनसंपर्क के चलते उन्होंने क्षेत्र की जनता के बीच खास पहचान बनाई।
सरकार में उन्हें लोक संपर्क विभाग और उड्डयन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 1991 में उन्होंने भजनलाल के नेतृत्व में कांग्रेस के टिकट पर दोबारा कैथल से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाद में उन्होंने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) का दामन थाम लिया। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने राज्यसभा सदस्य एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के नेतृत्व में पुनः कांग्रेस में वापसी की।
कैथल क्षेत्र में सुरेंद्र मदान को पंजाबी समाज के प्रमुख राजनीतिक चेहरे के रूप में जाना जाता था। उनके निधन से क्षेत्र की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।
