जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन और काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान का संयुक्त प्रयास, बाल विवाह रोकने को काजी ए जिला की अपील

धर्मगुरुओं ने बढ़ाया जागरूकता में सहयोग

बदायूं। बाल विवाह, बाल श्रम एवं बाल यौन शोषण के खिलाफ जनपद बदायूं में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान लगातार कार्य कर रहा है। यह संस्था देशभर में बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर कार्यरत 277 संगठनों में से एक है, जो 416 जिलों में सक्रिय हैं।

धार्मिक स्थलों पर लगाए गए फ्लैक्स, ली गई शपथ
संस्थान की ओर से जनपद के प्रमुख मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और चर्चों के आस-पास बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता फ्लैक्स लगाए गए हैं। इन फ्लैक्स में स्पष्ट संदेश दिया गया है – “सावधान! यहां बाल विवाह नहीं होता है। 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के की शादी कानूनन अपराध है।”
धार्मिक स्थलों पर उपस्थित प्रबंधकों और समुदाय के लोगों ने बाल विवाह न करने की शपथ भी ली।

सभी धर्मों से सहयोग की अपील
संस्थान की सचिव मीना सिंह ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए समाज के हर वर्ग और धर्म को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शादी केवल बालिग होने के बाद ही करें। साथ ही किसी भी स्थान पर बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या संस्था के नंबर पर दें।

काजी ए जिला की अपील: इस्लाम में बाल विवाह का समर्थन नहीं
इसी कड़ी में आज काजी ए जिला की ओर से मदरसा आलिया कादरिया के प्रिंसिपल व खानकाह आलिया कादरिया के प्रवक्ता मोहम्मद तनवीर साहब, और जामा मस्जिद शम्सी के सचिव व नकविया गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक सलमान साहब ने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे शासन की गाइडलाइन के अनुसार बच्चों की शादी तय करें। उन्होंने कहा कि इस्लाम में भी नाबालिग बच्चों की शादी का कोई समर्थन नहीं है।
उनकी अपील रही कि लड़की की शादी 18 साल और लड़के की 21 साल की उम्र से पहले न की जाए।

सम्मान समारोह का आयोजन
इस अवसर पर काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान की सचिव मीना सिंह ने मोहम्मद तनवीर साहब व सलमान साहब को धार्मिक ग्रंथ कुरआन शरीफ भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में देवेंद्र, गंगा सिंह सहित अन्य लोगों का विशेष सहयोग रहा।

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