पंजाब सरकार ने अपनी ही पार्टी के विधायक कुंवर विजय प्रताप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, 5 साल के लिए पार्टी से निलंबित
विक्रम मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई पर सवाल उठाना कुंवर विजय प्रताप को महंगा पड़ामान सरकार ने इस बड़े फैसले से साफ संदेश दिया, नशे के खिलाफ मुहिम में राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगीनशे के खिलाफ कार्रवाई पार्टी की विचारधारा है, जो भी इसमें बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसके लिए पार्टी में कोई जगह नहीं
- आम आदमी पार्टी ने कुंवर विजय प्रताप को पार्टी से 5 साल के लिए निलंबित कर दिया।
- आम आदमी पार्टी की पीएसी (राजनीतिक मामलों की समिति) का फैसला
- पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण निलंबित
अमृतसर: पंजाब की मान सरकार ने आम आदमी पार्टी के अपनी ही पार्टी के विधायक कुंवर विजय प्रताप के खिलाफ बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। विधायक कुंवर विजय प्रताप को पार्टी ने 5 साल के लिए निलंबित कर दिया है।
यह फैसला पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई पीएसी (राजनीतिक मामलों की समिति) ने लिया। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, कुंवर विजय प्रताप को नशे के खिलाफ चल रहे विजिलेंस अभियान में बाधा डालने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में निलंबित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने हाल ही में शिरोमणि अकाली दल के नेता विक्रम मजीठिया के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच पर सवाल उठाए थे, जो नशे के खिलाफ सरकार की चल रही मुहिम का हिस्सा है। सरकार ने इस फैसले के जरिए यह साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह की राजनीतिक खींचतान या हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम आदमी पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “नशे के खिलाफ कार्रवाई हमारी पार्टी की मूल विचारधारा है। जो कोई भी इसमें बाधा डालने की कोशिश करेगा, उसके लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।” इस फैसले ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है और संकेत दिया है कि मान सरकार दलबदलू राजनीतिक रवैये और अंदरूनी बगावत को लेकर पूरी तरह सख्त है।
