तेहरान, 22 जून। अमेरिका द्वारा ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बमबारी के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस हमले के “हमेशा याद रखे जाने वाले परिणाम” होंगे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान अपनी संप्रभुता, हितों और लोगों की रक्षा के लिए “सभी विकल्पों” को सुरक्षित रखता है।
अमेरिकी बी-2 बॉम्बर्स ने रविवार सुबह फोर्डो, नतांज और इस्फहान स्थित ईरान के परमाणु ठिकानों पर ‘बंकर बस्टर’ बम गिराए। इन हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की परमाणु क्षमताएं “पूरी तरह से समाप्त” कर दी गई हैं।
विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका के इस कदम को संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का “गंभीर उल्लंघन” बताया। उन्होंने कहा, “आज सुबह की घटनाएं अत्यंत खतरनाक और अमानवीय हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को इस गैरकानूनी और आपराधिक व्यवहार को लेकर चिंतित होना चाहिए।”
अराघची ने यह भी बताया कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के लिए मास्को रवाना हो रहे हैं।
इस बीच रूस ने अमेरिका की इस कार्रवाई को “गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, यूएन चार्टर और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का “घोर उल्लंघन” है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी एक बयान में कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई ईरान को आत्मरक्षा का वैध अधिकार देती है, जिसमें “उन विकल्पों का इस्तेमाल भी शामिल है जो आक्रामक गठबंधन की सोच से परे हैं।”
वहीं यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास ने सभी पक्षों से संयम बरतने और वार्ता की टेबल पर लौटने की अपील की। यूरोपीय संघ के 27 देशों के विदेश मंत्री सोमवार को स्थिति पर चर्चा करेंगे।
ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों ने भी तनाव कम करने की अपील की है।
