अमेरिका-इजरायल हमलों के बीच ईरान का संकेत: होर्मुज से भारतीय जहाजों को मिल सकता है सुरक्षित रास्ता

Iran पर United States और Israel के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति का असर न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। दुनिया के कई देश तेल और गैस की आपूर्ति के लिए Strait of Hormuz पर निर्भर हैं, इसलिए यहां बढ़ते तनाव से ऊर्जा संकट की आशंका भी बढ़ गई है।

इसी बीच India के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fattali ने संकेत दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने को लेकर जल्द सकारात्मक खबर आ सकती है। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन घंटों के भीतर इस संबंध में अच्छी सूचना मिलने की उम्मीद है।

राजदूत फताली ने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं और दोनों देशों के बीच कई साझा हित हैं। इसी वजह से ईरान यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि भारतीय जहाजों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि कठिन समय में भारत सरकार ईरान का समर्थन कर रही है और ईरान भी भारत की मदद करना चाहता है। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग की मजबूत परंपरा रही है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

राजदूत ने हाल ही में Narendra Modi और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई, जिसमें क्षेत्र में शांति बनाए रखने पर जोर दिया गया।

इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कई जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें भारत आने वाले जहाज भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद अब तक केवल एक तेल टैंकर ही भारत पहुंच पाया है, जो Jawahar Dweep Port पर उतरा था। वहीं Gujarat की ओर आने वाले एक अन्य जहाज पर हमला होने की खबर भी सामने आई थी, जिससे चिंता और बढ़ गई थी।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक दो दर्जन से अधिक जहाज अभी भी इस क्षेत्र में रुके हुए हैं। भारत सरकार ईरान प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि इन जहाजों को सुरक्षित मार्ग मिल सके और देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।

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