शून्यकाल और राज्यपाल अभिभाषण पर इनेलो विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल का सरकार पर हमला

ऐलनाबाद,  फरवरी (एम.पी. भार्गव)। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन शून्यकाल के दौरान Aditya Devi Lal ने सदन में किसानों और प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा।

शून्यकाल में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को उनकी फसलों पर एमएसपी देने का बार-बार दावा करती है, जबकि हकीकत इससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में किसान जब अपनी फसल लेकर जाता है तो उसे प्रताड़ित किया जाता है और फसल की गुणवत्ता खराब बताकर कम दाम दिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भावांतर योजना के तहत भी किसानों को उचित भरपाई नहीं मिल रही है और सरकार किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है। सरकार की नीति “फूट डालो और राज करो” पर चल रही है और किसानों व आढ़तियों के बीच मतभेद पैदा किए जा रहे हैं।

अदित्य देवीलाल ने कहा कि यदि सरकार ने पैडी, ज्वार, बाजरा, रागी, मूंग, तुर, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, तिलहन, कॉटन, गेहूं और जौ की फसलों पर एमएसपी दी है तो वह किसी एक मंडी का पूरा ब्यौरा सदन में पेश करे।

राज्यपाल अभिभाषण पर भी उठाए सवाल

राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा के दौरान अदित्य देवीलाल ने कहा कि अभिभाषण में जमीनी सच्चाई का अभाव था और केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं की गईं। उन्होंने कहा कि हरियाणा किसान प्रधान प्रदेश है और पूर्व उपप्रधानमंत्री Devi Lal तथा पूर्व मुख्यमंत्री Om Prakash Chautala ने हमेशा किसानों को मजबूत करने का काम किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में किसान कर्ज के बोझ तले दबा है और उसे फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। वर्ष 2023 से 2025 के बीच बीमा कंपनियों ने किसानों से लगभग 2875 करोड़ रुपये प्रीमियम के रूप में वसूले, जबकि खराब फसल के एवज में केवल 800 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। उनका दावा था कि करीब 2000 करोड़ रुपये बीमा कंपनियों के पास रह गए।

उन्होंने कहा कि एक ओर किसान यूरिया और डीएपी के लिए लाइनों में खड़ा रहा, वहीं सरकार ने 716 करोड़ रुपये की बचत कर ली। भाजपा के “डबल इंजन” और “ट्रिपल इंजन” के दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा सरकार होने के बावजूद पानीपत के गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पिछले पांच वर्षों से अटके हुए हैं।

कृषि संयंत्रों पर सब्सिडी, सिंचाई व्यवस्था और किसानों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका कहना था कि योजनाओं का बजट खर्च नहीं किया जा रहा, जिससे धन लैप्स हो रहा है और टेल क्षेत्र के किसानों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बनाए गए बीपीएल कार्डों में से वोट लेने के बाद सात लाख से अधिक कार्ड काट दिए गए हैं।

इनेलो विधायक दल के नेता ने सरकार से किसानों और आमजन से जुड़े मुद्दों पर ठोस और पारदर्शी कदम उठाने की मांग की।

 

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