वैश्विक विमानन में भारत की ताकत: IATA की 81वीं AGM में बोले प्रधानमंत्री मोदी

भारत बना अंतरराष्ट्रीय विमानन और अंतरिक्ष अभिसरण का अगुवा: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (IATA) की 81वीं वार्षिक आम सभा (AGM) और वर्ल्ड एयर ट्रांसपोर्ट समिट (WATS) के उद्घाटन सत्र को भारत मंडपम, नई दिल्ली में संबोधित किया। 42 वर्षों बाद भारत में IATA AGM के आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक विमानन और अंतरिक्ष अभिसरण का नेतृत्व कर रहा है।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत आज वैश्विक विमानन जगत में नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।” उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है, जहां हर वर्ष 240 मिलियन (24 करोड़) यात्री हवाई यात्रा करते हैं — जो अधिकांश देशों की जनसंख्या से अधिक है। 2030 तक यह संख्या 500 मिलियन (50 करोड़) तक पहुंचने की संभावना है, और एयर कार्गो 3.5 मिलियन से बढ़कर 10 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगा।

UDAN योजना: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में क्रांति
प्रधानमंत्री ने उड़ान (UDAN) योजना की सफलता का ज़िक्र करते हुए बताया कि अब तक 1.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने पहली बार किफायती हवाई यात्रा की है। इसे उन्होंने भारतीय विमानन के “स्वर्णिम अध्याय” की संज्ञा दी। उन्होंने बताया कि 2014 में 74 हवाई अड्डे थे, जो अब बढ़कर 162 हो गए हैं, और इनकी वार्षिक क्षमता 500 मिलियन यात्रियों को संभालने की है।

तेजी से बढ़ता विमानन बुनियादी ढांचा
भारतीय एयरलाइनों ने 2000 से अधिक नए विमान ऑर्डर किए हैं, जो इस क्षेत्र में बड़े निवेश और विस्तार का संकेत है। मरम्मत, रखरखाव और ओवरहॉल (MRO) सुविधाएं भी 96 से बढ़कर 154 हो गई हैं। इस वृद्धि में 100% विदेशी निवेश (FDI), GST में कटौती और करों के सरलीकरण जैसे नीति सुधारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

भारत के विमानन विकास के तीन मजबूत स्तंभ
प्रधानमंत्री ने भारत की विमानन शक्ति को तीन स्तंभों पर आधारित बताया:

  • बड़ी और आकांक्षी उपभोक्ता बाजार
  • AI, रोबोटिक्स और स्वच्छ ऊर्जा में दक्ष युवा प्रतिभा
  • नीतिगत समर्थन और नवाचार को बढ़ावा देने वाला इकोसिस्टम

उन्होंने “Aircraft Objects Bill”, “Cape Town Convention” से जुड़ाव और “GIFT City” में विमान पट्टे (leasing) को बढ़ावा देने वाली नीतियों का भी उल्लेख किया।

सतत विकास की ओर भारत की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी ने सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) और हरित प्रौद्योगिकी में निवेश को भारत की हरित विमानन रणनीति का हिस्सा बताया। उन्होंने Digi Yatra ऐप को भी एक पेपरलेस और फेस-वेरिफिकेशन आधारित ट्रैवल समाधान के रूप में प्रस्तुत किया, जो सुरक्षा, दक्षता और अनुभव को बेहतर बनाता है।

महिला सशक्तिकरण में भी अग्रणी भारत का विमानन
मोदी ने बताया कि भारत में 15% पायलट महिलाएं हैं, जो वैश्विक औसत (5%) से तीन गुना अधिक है। इसके साथ ही 86% कैबिन क्रू महिलाएं हैं, जो वैश्विक औसत 70% से अधिक है। MRO क्षेत्र में भी महिला इंजीनियरों की भागीदारी उल्लेखनीय है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों से भारत का समन्वय
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ICAO (अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) के मानकों के अनुरूप कार्य कर रहा है और हाल ही में एशिया-प्रशांत मंत्री स्तरीय सम्मेलन में दिल्ली घोषणा पत्र को भी अपनाया गया है। उन्होंने “शिकागो कन्वेंशन” के खुले आसमान और वैश्विक कनेक्टिविटी के सिद्धांतों का समर्थन किया।

‘मेक इन इंडिया’ से ‘डिज़ाइन इन इंडिया’ तक
प्रधानमंत्री मोदी ने “Make in India” और “Design in India” को वैश्विक विमानन कंपनियों के लिए नया अवसर बताया। भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक $4 बिलियन का MRO हब बनाया जाए। उन्होंने विमानन कंपनियों से भारत में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह क्षेत्र पायलट, ग्राउंड स्टाफ, इंजीनियरों और क्रू के लिए बड़े स्तर पर रोजगार भी सृजित कर रहा है।

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