खुशखबरी! भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर के पार, नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने से बस एक कदम दूर
702.78 अरब डॉलर पहुंचा भारत का फॉरेन करेंसी रिजर्व
नई दिल्ली: RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 27 जून 2025 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $4.849 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 702.784 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह भारत के इतिहास में दूसरा सबसे ऊंचा स्तर है और अब देश अपने ऑल टाइम हाई से सिर्फ 2.1 अरब डॉलर दूर है।
अब तक का सबसे ऊंचा फॉरेक्स रिजर्व रहा $704.885 अरब डॉलर
भारत का अब तक का सबसे ज्यादा फॉरेन करेंसी रिजर्व 27 सितंबर 2024 को रिकॉर्ड किया गया था, जो $704.885 अरब डॉलर था। मौजूदा गति को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत अगले ही सप्ताह नया रिकॉर्ड बना सकता है।
FCA में आई सबसे बड़ी बढ़ोतरी
विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे अहम हिस्सेदारी रखने वाले FCA (Foreign Currency Assets) में $5.754 अरब डॉलर की बड़ी वृद्धि देखी गई। इस बढ़त के साथ FCA का आंकड़ा $594.823 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। FCA में डॉलर के साथ-साथ यूरो, पाउंड, येन जैसी अन्य मुद्राओं की वैल्यू भी शामिल होती है।
गोल्ड रिजर्व में हल्की गिरावट
हालांकि, इस सप्ताह भारत के गोल्ड रिजर्व में $1.239 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है। अब यह घटकर $84.504 अरब डॉलर पर आ गया है। इससे पहले सप्ताह में इसमें केवल $5.73 मिलियन की मामूली गिरावट देखी गई थी।
SDR (Special Drawing Rights) में इजाफा
RBI के अनुसार, SDR में इस सप्ताह $158 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है, जिससे अब इसका कुल आंकड़ा $18.830 अरब डॉलर हो गया है। SDR, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) द्वारा जारी एक विशेष मुद्रा संपत्ति है।
मजबूत होता रुपया और स्थिर अर्थव्यवस्था
विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि भारत के लिए आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद है। इससे देश को वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के समय मदद मिलती है, रुपये की कीमत को स्थिर रखने में सहारा मिलता है, साथ ही क्रूड ऑयल जैसे आयातों का भुगतान करने और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में सहायता मिलती है।
नया रिकॉर्ड अब बस एक कदम दूर
यदि विदेशी मुद्रा भंडार की यह बढ़ोतरी इसी रफ्तार से जारी रही, तो अगले सप्ताह भारत $704.885 अरब डॉलर का ऑल टाइम हाई पार कर सकता है। इससे भारत एक बार फिर विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में इतिहास रच सकता है और वैश्विक स्तर पर अपनी आर्थिक मजबूती का प्रमाण दे सकता है।
