‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भारत का बड़ा बयान: विदेश सचिव बोले – “हमारे पास थे पक्के इनपुट, कार्रवाई करना जरूरी था”
पहलगाम हमले के बाद भारत ने क्यों की सर्जिकल स्ट्राइक – विदेश सचिव का स्पष्टीकरण
नई दिल्ली: भारत ने बुधवार को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत हवाई हमले किए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह उचित और आवश्यक थी, क्योंकि पाकिस्तान ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने ली, जो लश्कर से जुड़ा है
मिस्री ने बताया कि पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी संगठन है। “इस संगठन के पाकिस्तान से जुड़े होने के स्पष्ट प्रमाण सामने आए हैं,” उन्होंने कहा।
पाकिस्तान को UN में दी गई थी जानकारी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई
विदेश सचिव ने बताया कि भारत ने मई और नवंबर 2024 में UN की 1267 प्रतिबंध समिति की निगरानी टीम को TRF और अन्य आतंकी संगठनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी। इसके बावजूद पाकिस्तान ने आतंकियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने 25 अप्रैल को UN सुरक्षा परिषद के बयान में TRF का उल्लेख हटवाने का दबाव डाला था।
हमलों का मकसद सांप्रदायिक तनाव फैलाना था
मिस्री ने बताया कि पहलगाम हमले की योजना इस तरह से बनाई गई थी कि वह जम्मू-कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव फैला सके। आतंकियों ने पीड़ितों को नजदीक से गोली मारकर उनकी हत्या की और परिवार के सामने यह नृशंसता की।
आने वाले हमलों की सूचना थी, इसलिए समय रहते की कार्रवाई
विदेश सचिव ने बताया कि भारतीय खुफिया एजेंसियों को यह संकेत मिले थे कि आने वाले दिनों में भारत पर और हमले किए जा सकते हैं। “इसलिए जरूरी हो गया था कि हम न केवल इन योजनाओं को रोकें, बल्कि आतंकी ढांचे को नष्ट भी करें,” उन्होंने कहा।
पाकिस्तान के ठिकानों पर केंद्रित कार्रवाई – गैर-आक्रामक लेकिन निर्णायक
मिस्री ने कहा कि भारत ने पूरी जिम्मेदारी के साथ एक संतुलित और सीमित प्रतिक्रिया दी। यह कार्रवाई लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज़बुल मुजाहिद्दीन के ठिकानों को निशाना बनाकर की गई, जो पाकिस्तान और PoK में सक्रिय थे।
