मानवता को जोड़ने की शक्ति रखता है भारत: भूपेन्द्र मोदी

भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प दोहराया, मोदीपुर में हुआ भव्य सम्मेलनसांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखकर दर्शक हुए हतप्रदभारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प दोहराया, मोदीपुर में हुआ भव्य सम्मेलनसांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखकर दर्शक हुए हतप्रद

रामपुर: मोदी ग्लोबल हॉल में रविवार को एक भव्य सम्मेलन हुआ, जिसमें राजर्षि भूपेंद्र मोदी जी ने भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प दोहराया। इस दौरान बच्चों और मुंबई के बॉलीवुड टेल की टीम ने भजन प्रस्तुत करके कार्यक्रम को भव्य और आध्यात्मिक गरिमा से परिपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम में बाली के निर्वाचित सांसद एवं हिंदू नेता डॉ आई गुस्ती न्गुराह आर्य वेदकर्णा भी शामिल हुए।

कार्यक्रम में देश.विदेश से आए संतों, विद्वानों, साधकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य अतिथि शामिल रहे। सबसे पहले अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया। इसके बाद बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देना प्रारम्भ किया। सर्वप्रथम गणेश वंदना इसके बाद अर्धनारीश्वर, नरसिंह अवतार की झांकी, देवी दुर्गा नृत्य और शिव तांडव जैसी प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को भक्ति और ऊर्जा से भर दिया। दर्शक बच्चों की प्रतिभा देखकर आश्चर्यचकित रह गए और बार.बार तालियाँ गूंजती रहीं। कार्यक्रम के दौरान दयावती मोदी अकादमी के विद्यार्थियों ने अपनी अद्भुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।

इसके बाद राजर्षि भूपेंद्र मोदी जी का प्रेरणादायक संबोधन शुरू हुआ, उन्होंने कहा कि भारत भूमि केवल एक देश नहीं, बल्कि यह एक चेतना है, जो समस्त मानवता को जोड़ने की शक्ति रखती है। अद्वैत वेदांत हमें यह सिखाता है कि सम्पूर्ण सृष्टि एक ही ब्रह्म का विस्तार है। जब हम इस सत्य को आत्मसात करते हैं, तब सीमाएँ मिट जाती हैं और मानवता एक परिवार बन जाती है। आज हमें फिर से उसी भावना को जगाना है। भारत का लक्ष्य तकनीकी या आर्थिक प्रगति के साथ विश्व को आध्यात्मिक दिशा देने का है। यही भारत को पुनः विश्वगुरु बनाएगा। इस आयोजन के माध्यम से हम सनातन संस्कृति की उस ज्योति को पुनः प्रज्ज्वलित कर रहे हैंए जो सम्पूर्ण विश्व को प्रकाशमान करेगी। राजर्षि मोदी जी ने बाली से आए अतिथि और वहाँ की हिंदू परंपरा की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाली का समाज आज भी सनातन संस्कृति और वेदांत के आदर्शों को जीवित रखे हुए है, जो हम सबके लिए प्रेरणा है।

बाली से आए डॉ. श्री आई गुस्ती न्गुराह आर्य वेदकर्णा को राजर्षि मोदी जी ने सम्मानित किया। उन्होंने भी मोदी जी को बाली का उपहार दिया और कहा कि भारत हमारे लिए केवल एक देश नहीं, बल्कि आध्यात्मिक मातृभूमि है। हम बाली में आज भी संस्कार वही वेदिक परंपरा और वही संस्कृति जीते हैं। कहा कि सनातन धर्म कोई सीमा नहीं जानता, वह प्रेम, शांति और एकता का संदेश देता है। मैं भारत के लोगों से यही कहना चाहता हूँ कि अपनी इस अमूल्य संस्कृति पर गर्व करें और इसे विश्व तक पहुँचाएँ। उन्होंने राजर्षि भूपेंद्र मोदी जी के आध्यात्मिक नेतृत्व और उनके वैश्विक दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की।

कार्यक्रम में वेदाचार्य विजय दत्त व्यास को ऋषि, दुबई से आए मनीश तिवारी को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय ब्राहमण महासभा के राष्ट्रीय सचिव मुनीश चंद शर्मा, जिलाध्यक्ष सौरभ पाठक व अन्य पदाधिकारी, गायत्री परिवार के जोन कार्डीनेटर अशोक सिंह व अन्य परिजन, सीनियर सिटीजन क्लब समेत कई गणमान्य व्यक्तियो को सम्मानित किया। मोदीपुर की सीईओ पूजा तिवारी, अनीता जी, डीएमए की प्रधानाचार्य डॉ सुमन तोमर समेत तमाम मोदी ग्रुप उपस्थित रहा।

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