न्यायतन्त्र में माफिया तन्त्र का समावेश, माफ़ियाओं मुक्त उत्तर प्रदेश?

डा0वी0के0सिंह।
सरकार अपराध एव माफ़ियाराज से मुक्ति की कल्पना भले ही करती हो किन्तु, यथार्थ के धरातल पर सरकारी तन्त्र अर्थात न्यायतंत्र में माफ़ियाओं का समावेश हो चुका है, प्रदेश की जनता को माफ़ियाओं से छुटकारा कदाचित कभी नहीं मिल सकता है? विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी एव प्राप्त साक्ष्यों से ज्ञात हुआ है कि, तहसील दादरी जिला गौतमबुद्धनगर प्रशासनिक चोरों एव माफ़ियाओं का गढ़ बन चुका है जहाँ, हर शाख पर, उल्लू बैठा है।।

अब यहाँ से उल्लुओं की गिनती शुरू होती है- —
विश्वस्त सूत्रों एव पीड़ित के कथनानुसार, कोविड-19 में तहसील दादरी में 2020 प्रतिनियुक्त एसडीएम दादरी आलोक कुमार गुप्ता ने अपने अधिकार क्षेत्र व न्यायक्षेत्र से ऊपर उठकर, डब्ल्यू 650/ एक शासनादेश अनुभाग 9, 2015 का उलंघन करते हुये, उ0प्र0 राजस्व सहिंता अधिनियम 2006 की धारा 24 में, प्रचलित वाद – टी-202011xxxxxx07081 विवेक दहिया बनाम देव दत्त शर्मा प्रकरण में, दौरान ए वाद चकमार्ग अवरुद्ध के मिथ्या प्रार्थना पत्र पर, ग्राम हैबतपुर के खसरा संख्या 329 की बजाय 327 व 330 पर जबरन प्रशासनिक हस्ताक्षेप कर कब्जा करवा दिया था जो कि, विधि विरुद्ध संवैधानिक शक्तियों का दुरुपयोग है, जिसकी वीडियो सीडी न्यायालय फ़ाइल में संलग्न है।

पीड़ित के कथनानुसार, ग्राम हैबतपुर खसरा संख्या 330 व 327 के संक्रमणीय भूमिधरों ने उच्च न्यायालय गुहार लगाई, उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने राजस्व न्यायालय को निर्देशित किया कि, प्रश्नगत प्रकरण में अंतिम सुनवाई तक अतिक्रमण को बहाल रखते हुये, द्वतीय पक्ष की सुनवाई की जाये, किन्तु,, उक्त प्रचलित प्रकरण में दिनाँक 07 जुलाई 2022 में एसडीएम (न्यायिक) ने अंतरिम आदेश जारी कर, 15 दिवस के भीतर, न्यायालय में स्पष्ट पैमाइश रिपोर्ट तहसीलदार दादरी से माँगी किन्तु, राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार शर्मा दिनाँक 5 अगस्त 2022 जो कि, नियत पैमाइश तिथि थी, को अचानक बीमार हो गया।
पुनः दिनाँक 23 अगस्त 2022 पैमाइश की तिथि नियत की गई, एक बार राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार शर्मा पुनः नियत समय से आधा घण्टे पहले बीमार हो गया, और, एक पुनः एक बार दिनाँक 05 सितबर 2022 को पैमाइश तिथि निर्धारित की गई किन्तु, इस बार पीड़ित के धैर्य जवाब दे गया तो समाचार पत्र, में समाचार प्रकाशन होने बाद राजस्व टीम पैमाइश हेतु, विवादित स्थल पर पहुँची किन्तु, भू-माफ़ियाओं द्वारा पेश किये गये, नोटों के बण्डल ने राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार शर्मा का दिमाँग जड़, सोचने समझने की क्षीण कर दी तथा, आँखों के सामने अंधेरा कर दिया कि, ग्राम हैबतपुर के खसरा संख्या 58, खसरा संख्या 175, खसरा संख्या 269 में मौजूद जीवित कुँए ही नहीं दिखाई दिये, और न्याय को प्रभावित करने के उद्देश्य से जानबूझकर दिनाँक 01 नवम्बर 2022 को राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार शर्मा द्वारा भ्रामक रिपोर्ट प्रेषित की गई कि, डूब क्षेत्र होने के कारण कोई, स्थायी बिन्दु न मिलने के कारण पैमाइश रिपोर्ट प्रेषित नहीं की जा सकती किन्तु, बिना पैमाइश किये ही, आपदा प्रबंधन के स्वामी अन्तर्यामी नरेश कुमार शर्मा ने यह सुनिश्चित कर दिया कि, विवेक दहिया अपनी ही भूमि पर काबिज है? कदाचित, समाज, सरकार व न्यायपालिका में विद्धमान विद्वान बेहतर समझते होंगें कि, आखिर क्यों तत्कालीन राजस्व निरीक्षक नरेश कुमार शर्मा को जीवित कुये स्थायी बिन्दु के तौर पर नहीं दिखाई दिये, कदाचित न्याय देखते तो कभी, 60 करोड़ के मालिक नहीं बन सकते थे जो कि, मौजूदा उनकी हैसियत है।
बहराल, एसडीएम (न्यायिक) के न्यायालय ने पुनः दिनाँक 29 नवम्बर 2022 को तहसीलदार दादरी से स्पष्ट पैमाइश रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश दिया और, पैमाइश तिथि दिनाँक 22 दिसंबर 2022 निर्धारित की गई, मौके पर राजस्व निरीक्षक विनोद कुमार, राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार, लेखपाल राजपाल सिंह, राज कुमार नागर एव क्षेत्रीय लेखपाल सरजीत सिंह विवादित स्थल मौके पर पहुँचे तथा, वैज्ञानिक विधि टी एस एम से पैमाइश की गई किन्तु, सर्वेयर कम्पनी को, राजस्व कर्मचारियों की मौजूदगी में धमकाया गया, बहराल रिपोर्ट प्रेषित नहीं की गई।
उक्त प्रश्नगत प्रकरण में, पुनः दिनाँक 16 जनवरी 2023 निर्धारित की गई, टीम का गठन नायब तहसीलदार राम कृष्ण के नेतृत्व में किया गया जिसमे राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार, लेखपाल राजपाल, लेखपाल राज कुमार नागर व क्षेत्रीय लेखपाल सरजीत सिंह व उभय पक्षों की उपस्थिति में टी एस एम से पैमाइश की गई किन्तु, राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार ने पुनः डूब क्षेत्र का गाना गाते हुये, मनमाने ढंग से रिपोर्ट प्रेषित की जिसमें, एक फिर यही राग अलापा गया कि, डूब क्षेत्र होने के कारण कोई भी स्थायी बिन्दु न होने की बजह से रिपोर्ट प्रेषित करना संभव नहीं है, एक फिर जीवित कुओं को रिस्वत ने कफन दफन कर दिया। बहराल, एसडीएम दादरी पर, जबकि, दिनाँक 16 जनवरी 2023 को हुई पैमाइश की रिपोर्ट, टीम का हिस्सा बने लेखपाल राजपाल सिंह, राज कुमार नगर व तत्कालीन क्षेत्रीय लेखपाल सरजीत सिंह ने ग्राम हैबतपुर के सजरा से मिलान कर तैयार कर ली है जो कि, आर आई अशोक कुमार के गले की फ़ांस बनी हुई है। लेकिन इसमें भी आर आई अशोक कुमार का कोई दोष नहीं है, आखिर उनकी भी माफ़ियाओं के प्रति कुछ तो सत्यनिष्ठा है ही, बहराल नोटों के बंडलों ने अच्छे खासे तहसील प्रशासन को उल्लू बनाकर रख दिया जिन्हें उल्लू ही की तरह दिन में कुआँ नहीं दिखाई देता है जबकि, रात के अँधेरे में माफ़ियाओं से आते रुपये दिखाई देते हैं।
अब नोटो के अँधे सरकारी उल्लुओं का क्या करोगे सरकार, क्या है कोई सरकार के पास इलाज कि, सरकारी माफ़ियाओं से प्रदेश की जनता को मुक्ति मिल सके।
डा0वी0के0सिंह(वरिष्ठ पत्रकार, सदस्य अंतरराष्ट्रीय प्रेस परिषद)

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