रामपुर में ऐतिहासिक किसान मेले का उद्घाटन, वंदेमातरम राष्ट्रवाद की आत्मा : Mukhtar Abbas Naqvi

  • रिपोर्ट : शाहबाज़ खान

रामपुर, 14 फरवरी 2026 : रामपुर के रठौंडा में आयोजित ऐतिहासिक किसान मेले के उद्घाटन के अवसर पर पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नक़वी ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के महानायकों के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रवाद के जुनून-जज़्बे से भरपूर वंदेमातरम से जिसके ईमान को खतरा हो, वह राष्ट्रवाद के प्रति ईमानदार नहीं हो सकता।

नक़वी ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय मुस्लिम लीग ने ‘वंदेमातरम’ का विरोध कर विभाजन की विभीषिका का विष बोया था, जिसने भारत के टुकड़े किए। उन्होंने कहा कि ऐसी विभाजनकारी मानसिकता से भरपूर साम्प्रदायिक संक्रमण से समाज को सावधान रहना होगा। वंदेमातरम कोई मज़हबी गीत नहीं, बल्कि मुल्क का राष्ट्रवादी गौरव है और भारतीय राष्ट्रवाद की आत्मा से किसी भी मज़हब की आस्था को नुकसान नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कार, संस्कृति और संकल्प पर साम्प्रदायिक संक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा। लीगी लॉबी की लंपट लफ्फाज़ी मुल्क और मज़हब दोनों के लिए खतरनाक है। नक़वी ने कहा कि सुशासन और सनातन के अमृत काल में छद्म सेक्युलरिज्म की अफ़ीम का साम्प्रदायिक नशा समाप्त हो रहा है और संवैधानिक आस्था के साम्प्रदायिक अपमान की सोच और साज़िश से बाहर आना होगा।

नक़वी ने कहा कि सनातन का संस्कार ही पंथनिरपेक्षता का उपहार है। यदि भारत में बहुसंख्यक सनातन आस्था नहीं होती, तो धर्मनिरपेक्षता के ध्वज पर भी साम्प्रदायिकता का धावा बोल दिया जाता। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम के संस्कार, संकल्प और सोच ने भारत को संवैधानिक पंथनिरपेक्षता का सिकंदर और लोकतंत्र का धुरंधर बनाया है, जहां सत्ता बुलेट से नहीं, बैलेट से तय होती है।

उन्होंने समान नागरिक कानून (Uniform Civil Code) का उल्लेख करते हुए कहा कि आज़ादी का अमृत काल इसे अंगीकार करने का अवसर है। यह सम्पूर्ण देश के लिए है, किसी मज़हब के लिए नहीं। “एक कंट्री, एक क़ानून” सभी मज़हबों के लिए सरल, सुलभ और समावेशी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा तथा धार्मिक आस्था की सुरक्षा और कानूनी व्यवस्था को मजबूत करेगा।

नक़वी ने कहा कि भारत में पंथनिरपेक्षता बहुसंख्यक समाज के संस्कार और संकल्प का परिणाम है। भारत के संविधान की समावेशी और सर्वस्पर्शी सोच को साम्प्रदायिक राजनीति की आफ़त से बंधक नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां का संविधान कट्टरपंथ के कारण कमजोर हुआ, जबकि भारत का संविधान समावेशी ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ सामंती सोच के लोग बिना तर्क के तमाशा खड़ा कर रहे हैं और देश के समावेशी संकल्प को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश संवैधानिक सुधारों और समावेशी सशक्तिकरण के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

नक़वी ने कहा कि वंदेमातरम मात्र गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद की आत्मा है। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम गाना किसी के राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र नहीं है, लेकिन इसका विरोध करने की साम्प्रदायिक सोच लोगों की राष्ट्रवादी प्रतिबद्धता पर सवाल जरूर खड़ा करती है। ऐसे साम्प्रदायिक संक्रमण से समाज को सावधान रहने की जरूरत है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, मोहनलाल सैनी, अभय गुप्ता, राकेश मिश्रा, ज्वाला प्रसाद गंगवार, अर्चना गंगवार, कुलवंत औलख, टेक चंद्र गंगवार, जागेश्वर दयाल दीक्षित, महा सिंह राजपूत, रिजवान हुसैन, खलील अहमद, भागीरथ सिंह गंगवार, चंद्र प्रकाश शर्मा, रजनीश पटेल, मिथिलेश सिंह, महेंद्र लोधी, ओमप्रकाश लोधी, अजय बाबू गंगवार, सोनू लोधी, शुभांग गंगवार, शंकर लाल गंगवार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

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