- रिपोर्ट:- हरिश्चंद्र (चंद्रा)
कासगंज: कभी हरियाली और हरे भरे पेड़ पौधों पर बैठे पक्षियों की चहचहाट हमारे मानव जीवन में सभी को मंत्र मुग्ध कर देती थी लेकिन वही सहावर अब हरे भरे पेड़ पौधों की अंधाधुंध कटाई के कारण उजडता जा रहा है स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ सालों की तुलना में इस बार सहावर के आसपास के इलाकों में हरे पेड़ पौधों को अधिक मात्रा में काटा जा रहा है मोहम्मदपुर रोड पर ब्लॉक के सामने चल रही आरा मशीन संचालक पर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं जिससे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण जानकारों के अनुसार उक्त आरा मशीन पर जिंदा हरे भरे पेड़ पौधों को कटान के लिए लाया जा रहा है यह आरा मशीन मुस्लिम समुदाय के किसी व्यक्ति की है और यहां हरे भरे पेड़ पौधों को काटने की गतिविधियां लंबे समय से देखी जा रही हैं ग्रामीणों के अनुसार रात में ट्रैक्टर ट्रालियों से भरकर हरी-भरी पेड़ पौधे ले जाते हैं जिनका कटान होता है तक रात्रि के कारण किसी को पता ना लगे और सुबह तक उनको चीर फाड़ कर तख्तों इत्यादि में बदल दिया जाता है ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की टीम अगर अचानक से रात्रि में छापा मार कार्यवाही करें तो वहां अवैध पेड़ पौधों की लड़कियों को बरामद किया जा सकता है और ऐसी आरा मशीनों को तत्काल प्रभाव से उनके लाइसेंस भी रद्द किए जाने चाहिए पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है जब तक इन आरा मशीनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होगी तब तक यह हरे पेड़ पौधों का कटान चलता रहेगा और पर्यावरण विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह से अगर हरे भरे पेड़ पौधों को निरंतर काटा जाता रहा तो मानव जीवन का भविष्य भी खतरे में पड़ जाएगा और पर्यावरण में ऑक्सीजन का संतुलन भी बिगड़ जाएगा जिससे मानव जीवन पर गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं अब देखना यह है कि प्रशासन इस तरफ कितना जिम्मेदारी से अपना दायित्व निभाता हैं और एक बार फिर से सहावर अपने हरियाली और पक्षियों की चहचहाट के लिए फिर से सुरक्षित रह सकेगा
