अमेरिका, आतंकियों को भारत को सौंप सकता है, तो पाकिस्तान भी हाफिज सईद और लखवी को सौंप सकता है: भारतीय राजदूत

जेरूसलम, 20मई: इज़राइल में भारत के राजदूत जे.पी. सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने का आह्वान करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया है कि “ऑपरेशन सिंदूर केवल रुका है, खत्म नहीं हुआ है।” उन्होंने पाकिस्तान से मांग की है कि वह मुंबई हमले के मास्टरमाइंड्स हाफिज सईद, साजिद मीर और ज़कीउर रहमान लखवी को भारत को सौंपे, जैसे अमेरिका ने तहव्वुर हुसैन राणा को भारत के हवाले किया।

इज़रायली टीवी चैनल i24 को दिए एक साक्षात्कार में राजदूत सिंह ने कहा कि भारत का यह सैन्य अभियान पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ढांचों के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में निर्दोष लोगों को उनके धर्म पूछकर मारा गया, जिसमें 26 लोग मारे गए।

उन्होंने कहा, “भारत का अभियान आतंकियों और उनके बुनियादी ढांचे के खिलाफ था, लेकिन पाकिस्तान ने इसके जवाब में हमारी सैन्य ठिकानों पर हमला किया।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या युद्धविराम स्थायी है और मामला समाप्त हो चुका है, तो सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अभी रुका है, खत्म नहीं हुआ है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। नया सामान्य यही है कि हम आक्रामक नीति अपनाएंगे। जहां भी आतंकवादी होंगे, हम उन्हें खत्म करेंगे और उनके ढांचे को नष्ट करेंगे।”

उन्होंने 10 मई को पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर भारत के हमले को “गेम चेंजर” करार दिया और बताया कि इसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत से युद्धविराम की अपील की।

इंडस वॉटर ट्रीटी (IWT) पर बोलते हुए, जिसे पाकिस्तान ने “युद्ध का कार्य” बताया है, राजदूत सिंह ने कहा कि यह संधि “सद्भावना और मित्रता” पर आधारित थी, लेकिन पाकिस्तान ने इसकी भावना को कभी नहीं निभाया।

“हम पानी दे रहे थे और बदले में वे आतंकवाद भेज रहे थे। हमारे प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते,” सिंह ने दोहराया।

उन्होंने कहा कि “जब तक आतंकवाद बंद नहीं होगा, तब तक ऐसी किसी भी संधि का औचित्य नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा, “IWT फिलहाल निलंबित है, लेकिन एक दूसरी IWT — यानी इंडिया वॉर ऑन टेररिज्म — पूरी तरह से सक्रिय है।”

राजदूत सिंह ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद को भारत में आतंकी हमलों की “जड़” बताया और कहा कि मुंबई हमले के दोषी आज भी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं।

“जब अमेरिका तहव्वुर राणा को भारत को सौंप सकता है, तो पाकिस्तान क्यों नहीं? उन्हें सिर्फ हाफिज सईद, लखवी और साजिद मीर को भारत को सौंपना है।” उन्होंने पाकिस्तान के पहलगाम हमले की जांच के प्रस्ताव को “ध्यान भटकाने की रणनीति” बताया।

“हमने पाकिस्तान को कई डोज़ियर दिए, अमेरिका ने सबूत साझा किए, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।”

अंत में, राजदूत ने कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक समस्या है और इसके खिलाफ भारत, इज़राइल समेत सभी देशों को एकजुट होकर लड़ना होगा।

“हमारे प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है — आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस। हम सीमा पार आतंकवाद को स्वीकार नहीं करेंगे,” उन्होंने दो टूक कहा।

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