संविधान खतरे में होता तो रिटायर सीजेआई चंद्रचूड़ को न तो किराए के आवास में रहना पड़ता और न मौजूदा सीजेआई गवई को आवास खाली करवाने के लिए मोदी सरकार को पत्र लिखना पड़ता 

देश के सुप्रीम कोर्ट की इस ईमानदारी और पारदर्शिता को कांग्रेस समझे।

  • रिपोर्ट- एस.पी.मित्तल

देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि संविधान खतरे में है और सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाएं भी केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रही है। कांग्रेस के इस दावे में कितना दम है, यह तो राहुल गांधी जाने, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा सीजेआई बीआर गवई के लिए सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने केंद्र की मोदी सरकार को जो पत्र लिखा है, उससे साफ जाहिर है कि सुप्रीम कोर्ट में न केवल ईमानदारी है बल्कि पारदर्शिता भी बनी हुई है। सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई तक रिटायरमेंट के बाद किराए के आवास में रहने को मजबूर है। असल में सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है कि पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ से सीजेआई का अधिकृत आवास 5, कृष्णा मेनन मार्ग को खाली करवाया जाए, क्योंकि इस अधिकारिक आवास पर चंद्रचूड़ रिटायरमेंट के बाद भी बगैर अनुमति के रह रहे है। चंद्रचूड़ के आवास खाली करने पर ही मौजूदा सीजेआई बीआर गवई अधिकृत आवास में शिफ्ट हो सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा केंद्र सरकार को लिखे इस पत्र के जवाब में चंद्रचूड़ ने कहा है कि उनकी दोनों बेटियां जेनेटिक और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं से पीड़ित है। उन्हों ने इलाज के लिए सरकारी आवास में ही आईसीयू बना रखा है। नए आवास में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से किराए पर आवास लिया है। वे जल्द ही किराए वाले आवास में शिफ्ट हो जाएंगे। कांग्रेस माने या नहीं, लेकिन डीवाई चंद्रचूड जब सीजेआई थे, तब चाहते तो दिल्ली में कई आवास ले सकते थे। लेकिन चंद्रचूड़ ने संविधान के नियमों के तहत सरकार से किराए का आवास मांगा। सेवानिवृत्ति के बाद चंद्रचूड़ सीजेआई के अधिकारिक आवास में इसलिए रह सके, क्योंकि उनके बाद सीजेआई बने संजीव खन्ना ने अपने पुराने सरकारी आवास में ही रहना पसंद किया। लेकिन अब जब बीआर गवई सीजेआई बन गए है तो वे अधिकारिक आवास 5, कृष्णा मेनन मार्ग में ही रहना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा मोदी सरकार को पत्र लिख जाना भी बताता है कि सुप्रीम कोर्ट में कितनी पारदर्शिता है। हमारे यहां सेवानिवृत्ति के बाद सीजेआई तक को सरकारी आवास में नहीं रहने दिया जाता।

Leave A Reply

Your email address will not be published.