घुटनों के अर्थराइटिस से पीड़ित मरीजों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि दर्द और सूजन के बीच वॉक करना कितना सुरक्षित है और कितनी देर तक चलना फायदेमंद होता है। इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके से की गई वॉक घुटनों के लिए नुकसानदायक नहीं, बल्कि लाभकारी साबित होती है।
घुटनों का अर्थराइटिस एक आम समस्या है, जिसमें हड्डियों के बीच मौजूद कुशन (कार्टिलेज) धीरे-धीरे घिसने लगता है। इसके कारण दर्द, जकड़न और सूजन बढ़ जाती है। कई लोग दर्द के डर से चलना-फिरना कम कर देते हैं, लेकिन ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ इससे अलग राय रखते हैं।
NIIMS मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. ध्रुव रावल के अनुसार, वॉक घुटनों की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, जोड़ों में रक्त संचार बढ़ाती है और जकड़न को कम करती है। इसके अलावा, नियमित वॉक से वजन नियंत्रित रहता है, जिससे घुटनों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है और दर्द व सूजन में राहत मिलती है। इस तरह वॉक एक प्राकृतिक थेरेपी की तरह काम करती है।
रोज कितनी देर वॉक करें?
डॉ. ध्रुव रावल बताते हैं कि अगर आप पहली बार वॉक शुरू कर रहे हैं, तो रोज 10 से 15 मिनट चलना पर्याप्त है। सहनशक्ति बढ़ने पर समय धीरे-धीरे बढ़ाकर 20 से 30 मिनट तक किया जा सकता है। यह 30 मिनट एक साथ या 10-10 मिनट के तीन हिस्सों में भी पूरे किए जा सकते हैं। जिन मरीजों को अधिक दर्द रहता है, वे 5 मिनट से शुरुआत करें और हर सप्ताह समय बढ़ाते जाएं।
वॉक की गति तेज होना जरूरी नहीं है। आरामदायक और धीमी चाल सबसे बेहतर मानी जाती है, क्योंकि बहुत तेज चलने से घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हमेशा समतल जमीन पर वॉक करें। पार्क का ट्रैक, मिट्टी का रास्ता या ट्रेडमिल सुरक्षित विकल्प हैं। ढलान वाली जगह पर चलने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे घुटनों पर ज्यादा दबाव पड़ता है।
वॉक से पहले इन बातों का रखें ध्यान
वॉक शुरू करने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करना जरूरी है। अगर घुटनों में ज्यादा जकड़न हो तो 5 मिनट गुनगुनी सिंकाई करें। हमेशा कुशन वाले और आरामदायक जूते पहनें। यदि चलते समय अचानक दर्द बढ़ जाए, सूजन आ जाए या घुटने में पकड़ महसूस हो, तो तुरंत वॉक रोककर डॉक्टर से सलाह लें।
अन्य जरूरी सुझाव
ऑर्थो विशेषज्ञों के अनुसार, वॉक के साथ-साथ क्वाड्रिसेप्स स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करना भी फायदेमंद होता है। अगर वजन ज्यादा है, तो उसे धीरे-धीरे कम करने की कोशिश करें। जरूरत पड़ने पर घुटने का सपोर्ट या स्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही कैल्शियम और विटामिन-डी की जांच कराना भी लाभकारी माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सही सलाह और सावधानियों के साथ की गई वॉक घुटनों के अर्थराइटिस में दर्द से राहत और बेहतर जीवनशैली की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
