गंगा स्नान पर जा रहे श्रद्धालुओं पर कैसे चढ़ी ट्रेन? मिर्जापुर हादसे की पूरी कहानी

मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार सुबह मिर्जापुर जिले के चुनार रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालु ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की भयावहता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि शवों के टुकड़े पटरियों पर बिखर गए।

🚨 कैसे हुआ हादसा?
सूत्रों के अनुसार, सभी श्रद्धालु चोपन–प्रयागराज पैसेंजर ट्रेन से प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर उतरे थे। उन्हें वाराणसी जाने के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। जल्दीबाजी में श्रद्धालुओं ने फुटओवर ब्रिज की बजाय रेलवे ट्रैक पार करने का फैसला किया। इसी दौरान दूसरी ओर से तेज़ रफ्तार हावड़ा–कालका नेताजी एक्सप्रेस आ गई और श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को बचने का मौका ही नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में ट्रेन गुजर गई और चार श्रद्धालु पटरी पर ही ढेर हो गए।

🗣️ रेलवे प्रशासन ने क्या कहा?
मिर्जापुर के जीआरपी इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया —

“यात्री एक ट्रेन से उतरकर दूसरी पकड़ने के लिए ट्रैक पार कर रहे थे, उसी दौरान दूसरी ओर से एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। हादसे में चार श्रद्धालुओं की मौत हुई है। राहत-बचाव कार्य जारी है।”

⚡ सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि —

एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचे।

घायलों को उचित उपचार मिले और राहत कार्य में तेजी लाई जाए।

🙏 गंगा स्नान का सफर बना मौत का सफर
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए हज़ारों श्रद्धालु प्रयागराज और वाराणसी की ओर जा रहे थे। लेकिन इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में मातम पसरा दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे, जिसकी वजह से यह दर्दनाक घटना घटी।
रेलवे प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों की पहचान में जुटा है।

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