Holika Dahan 2026 Puja Samagri List: 2 मार्च को होगा होलिका दहन, नोट करें पूजन सामग्री और विधि

हिंदू धर्म में Holika Dahan का पर्व बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को होलिका पूजन के बाद शाम के समय विधि-विधान से होलिका दहन किया जाता है।

वर्ष 2026 में पूर्णिमा तिथि 3 मार्च को पड़ रही है, लेकिन इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। ग्रहण के कारण 3 मार्च को होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जा रहा है, इसलिए इस बार 2 मार्च 2026 को होलिका दहन किया जाएगा।

मान्यता है कि विधि-विधान से होलिका पूजन करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही दुख-दरिद्रता से मुक्ति मिलती है। ऐसे में पूजा की सामग्री का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि सामग्री में कमी होने पर पूजा अधूरी मानी जाती है।

🔶 होलिका दहन पूजन सामग्री सूची (Holika Dahan Puja Samagri List)

होलिका दहन के दिन घर के पास किसी चौराहे या मंदिर के समीप लकड़ी और उपलों से होलिका तैयार की जाती है। इसके बाद महिलाएं मिलकर विधि-विधान से पूजा करती हैं। पूजा में निम्नलिखित सामग्री अवश्य रखें—

कच्चा सूत (मौली)

जल से भरा लोटा

गुलाल

रोली

साबुत हल्दी

फूल

बताशे

मीठे पकवान या फल

गेहूं की बालियां

गाय के गोबर से बनी उपले या होलिका

नारियल (इच्छानुसार)

दीपक और धूपबत्ती

🔶 ऐसे करें होलिका दहन की पूजा

होलिका पूजन करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। परंपरा के अनुसार यह पूजा महिलाएं बाल खोलकर करती हैं और सामूहिक रूप से संपन्न करती हैं।

पूजा विधि इस प्रकार है—

सभी महिलाएं पूजा की सामग्री लेकर होलिका स्थल पर जाएं।

सबसे पहले होलिका को जल अर्पित करें और जल चढ़ाते समय 7 परिक्रमा लगाएं।

इसके बाद होलिका पर कच्चा सूत लपेटें।

गाय के गोबर से बने उपले अर्पित करें।

फिर हल्दी, गुलाल और फूल चढ़ाएं।

बताशे और मीठे पकवान का भोग लगाएं।

गेहूं की बालियां अर्पित करें।

पूजा पूर्ण होने के बाद अपने से बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। इसके पश्चात अनाज का दान करना और ब्राह्मण को भोजन कराना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है।

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धा और नियमों के साथ पूजा करने से जीवन में खुशहाली आती है और सभी कष्ट दूर होते हैं।

डिस्क्लेमर- यहां दी गई जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं। khabrejunction.com इनकी पुष्टि नहीं करता।

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