यूपी पुलिस में ऐतिहासिक बदलाव: रिएक्टिव से प्रोएक्टिव और प्रिडिक्टिव पुलिसिंग की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यूपी पुलिस ने अब रिएक्टिव पुलिसिंग से आगे बढ़कर प्रोएक्टिव और प्रिडिक्टिव पुलिसिंग की दिशा में सफलतापूर्वक कदम बढ़ाया है। इससे जहां अपराधियों में भय का माहौल बना है, वहीं आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था में हो रहे व्यापक सुधारों और उपलब्धियों को रेखांकित किया। राज्य सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते आठ वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और उसकी सार्वजनिक छवि में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट पुलिसिंग के अपने विजन को साझा करते हुए बताया कि भर्ती, प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे, साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक व्यवस्था और पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में बड़े स्तर पर सुधार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के भीतर ही 60 हजार से अधिक आरक्षियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए जा चुके हैं, वहीं 12 फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी और एक फॉरेंसिक विश्वविद्यालय की स्थापना भी की गई है, जिससे अपराधों की वैज्ञानिक जांच को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने यूपी पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सशक्त, आधुनिक और प्रभावी हुई है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता को मिल रहा है।
khabre junction
