बांग्लादेश में ऐतिहासिक चुनाव: तारिक रहमान के नेतृत्व में BNP की प्रचंड जीत, नई सरकार का रास्ता साफ

ढाका। बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में 12 फरवरी 2026 का दिन एक बड़े बदलाव के रूप में दर्ज हो गया है। वर्ष 2024 के छात्र आंदोलन और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद हुए पहले राष्ट्रीय चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। इस चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) ने शानदार जीत दर्ज कर सरकार बनाने की दिशा में निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है।

यह चुनाव अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की देखरेख में संपन्न हुआ। इस चुनाव को केवल नई संसद के गठन के रूप में नहीं, बल्कि देश की शासन व्यवस्था और संविधान में संभावित बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अवामी लीग की गैरमौजूदगी में बदला चुनावी समीकरण

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के चुनाव से बाहर रहने के कारण मुख्य मुकाबला BNP और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के बीच रहा। करीब 17 वर्षों बाद यह पहला चुनाव था, जिसमें अवामी लीग ने हिस्सा नहीं लिया। पार्टी ने इस चुनाव को ‘दिखावा’ करार दिया था।

BNP को स्पष्ट बहुमत, सरकार बनाना तय

शुक्रवार को आए नतीजों के अनुसार, BNP और उसके सहयोगी दलों को 299 में से कम से कम 212 सीटों पर जीत मिली है, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी 151 सीटों के आंकड़े से काफी अधिक है। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार BNP को 181 सीटें, जमात-ए-इस्लामी को 61 सीटें और अन्य दलों को 7 सीटें मिली हैं।

विपक्षी गठबंधन ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए करीब 70 सीटें हासिल की हैं, लेकिन बहुमत से काफी दूर है।

तारिक रहमान की व्यक्तिगत जीत और प्रधानमंत्री बनने की तैयारी

BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगुरा-6 सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों ही स्थानों से भारी अंतर से जीत दर्ज की। वे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं और पिछले 17 वर्षों से लंदन में निर्वासन में रह रहे थे। चुनाव से ठीक पहले उनकी स्वदेश वापसी हुई थी।

अब उनके बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे जीत का जश्न शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचें।

जनमत संग्रह में ‘जुलाई चार्टर’ को मिला समर्थन

इस चुनाव के साथ हुए जनमत संग्रह में भी जनता ने बड़े बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। करीब 72 प्रतिशत मतदाताओं ने ‘जुलाई चार्टर’ का समर्थन किया। इसके तहत प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सीमा तय करने, संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने तथा न्यायपालिका और पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।

नए दौर की शुरुआत की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि यह चुनाव बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। BNP की जीत के साथ देश में नई सरकार के गठन और राजनीतिक बदलाव का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

 

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