- रिपोर्ट: नीरज मित्तल
फरीदाबाद। सेक्टर-9 स्थित डीसी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रविवार को श्री राम मंदिर हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा हिंदू एकता सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में हिंदुत्व की मजबूती, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर एक स्वर में आवाज उठाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, उद्योगपति और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार और डीडी न्यूज के मुखर वक्ता Ashok Srivastava मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। वहीं प्रसिद्ध उद्योगपति और Joneja Bright Steel Pvt. Ltd. के प्रबंध निदेशक Ajay Joneja मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता Rakesh Gupta, एमडी आरके फोर्ज प्राइवेट लिमिटेड ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् गीत के साथ हुई। इससे पहले सेक्टर-9 स्थित श्री राम मंदिर से कार्यक्रम स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। सम्मेलन में स्कूल के बच्चों ने धार्मिक और देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
सम्मेलन के दौरान समिति के संयोजक Arun Bajaj, सह-संयोजक राम लाल बोरड, सतबीर शर्मा, कोषाध्यक्ष अजय कुमार भाटिया तथा सेक्टर-9 आरडब्ल्यूए के प्रधान रणवीर सिंह ने सभी अतिथियों का शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।
मुख्य वक्ता अशोक श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि रविवार के दिन भी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति उत्साहजनक है, लेकिन युवाओं की भागीदारी कम दिखाई दी। उन्होंने युवाओं को अधिक से अधिक जागरूक और संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे हिंदू सम्मेलन वर्ष में कम से कम दो बार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि समाज में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और हिंदुत्व की मजबूती को बढ़ावा मिल सके।
मुख्य अतिथि अजय जोनेजा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी जाति, भाषा, संपत्ति या सामाजिक स्थिति के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता के लिए जरूरी है कि मन से भेदभाव की भावना को समाप्त किया जाए और हर व्यक्ति को अपना समझा जाए। उन्होंने हिंदू समाज से आपसी समझ बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
इस अवसर पर Rajkumar Agrawal ने ‘पंच परिवर्तन’ की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह समाज के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण दृष्टि है। उन्होंने बताया कि सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य जैसे पांच मूल सिद्धांतों के माध्यम से व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक अरुण बजाज ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि हिंदू समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और राष्ट्र की अखंडता को मजबूत करने के लिए ऐसे सम्मेलन बेहद आवश्यक हैं।
इस अवसर पर रेखा जिंदल, मधु गुप्ता, उषा भाटिया, नम्रता मित्तल, प्रतिमा गर्ग, गौतम चौधरी, सीबी रावल, अरुण सराफ, दिनेश अग्रवाल, सीए राजकुमार अग्रवाल, पंकज गर्ग, सुरेंद्र जग्गा, राकेश गुप्ता और राजेंद्र मैहन्दीरत्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
