बाड़मेर, 05 मई 2025: बीती रात बाड़मेर जिले के ग्रामीण इलाकों में आए तेज आंधी-तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। कई गांवों में मकानों की छतें उड़ गईं, पेड़ और बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए, वहीं आकाशीय बिजली की चपेट में आकर किसानों के पशुधन को भारी नुकसान पहुँचा। सैकड़ों परिवार खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हो गए।
तूफान का तांडव
स्थानीय लोगों और मौसम विभाग के अनुसार, 4 मई की रात करीब 10 बजे तेज आंधी 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने लगी, जिसके साथ धूल भरी आंधी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई। इस तूफान ने कच्चे-पक्के मकानों, टीन शेड और दीवारों को उड़ा दिया।
कगाउ गांव की रबारियों की ढाणी में जेठाराम मेघवाल का कच्चा मकान पूरी तरह से ढह गया। इसमें उनकी 10 बोरियां जीरे की फसल भी खराब हो गई। वहीं बायतु और सिणधरी जैसे क्षेत्रों में कई घरों के छप्पर उड़ गए और लोग जान बचाकर रात में खुले में इधर-उधर भटकते रहे।
आकाशीय बिजली से पशुधन को नुकसान
तूफान के साथ गिरी आकाशीय बिजली ने किसानों की आजीविका पर करारा प्रहार किया। सिवाना और बाड़मेर ब्लॉक के कई गांवों में बकरियों, भेड़ों और गायों की मौत की खबरें हैं। किसान रामाराम विश्नोई ने बताया, “मेरी चार बकरियां और दो भेड़ें बिजली गिरने से मारी गईं। ये मेरे परिवार की आय का एकमात्र जरिया थीं।”
यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित
तूफान के कारण कई जगहों पर पुराने पेड़ और बिजली के खंभे सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप रहा। बायतु, सिणधरी और धोरीमन्ना जैसे क्षेत्रों में लोग रातभर अंधेरे में रहे। कुछ क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों की आवाजाही भी बाधित रही।
प्रशासन हरकत में आया
तबाही की खबर मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। जिला कलेक्टर ने नुकसान के आकलन के लिए टीमें गठित कर दी हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी आपूर्ति बहाल करने में जुटे हुए हैं, वहीं प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी शिविर और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।
लोगों में नाराजगी, मुआवजे की मांग
प्रभावित ग्रामीणों में प्रशासन की तैयारियों को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल आर्थिक मुआवजे और पुनर्वास की मांग की है। स्थानीय निवासी भंवरलाल ने कहा, “पूरा घर उजड़ गया, बच्चे और बुजुर्ग ठंड में रातभर खुले में रहे। सरकार को त्वरित सहायता पहुंचानी चाहिए।”
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, खुले में न निकलने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है।
चुनौतियों से जूझते ग्रामीण
बाड़मेर के ग्रामीण क्षेत्र पहले से ही सूखा और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। अब इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पशुधन, फसल और घरों के नुकसान ने ग्रामीण परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है।
