आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते तनाव के कारण याददाश्त कमजोर होना एक आम समस्या बन गई है। अगर आप भी छोटी-छोटी बातें भूलने लगे हैं, तो यह संकेत है कि अब अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर ध्यान देने की जरूरत है।
याददाश्त पर पड़ रहा गहरा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, तनाव, नींद की कमी और असंतुलित खान-पान का सीधा असर दिमाग की एकाग्रता और स्मरण शक्ति पर पड़ता है। समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है। दिमाग को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने के लिए सही पोषक तत्वों का मिलना बेहद जरूरी है।
ये सुपरफूड बढ़ाएंगे ब्रेन पावर
याददाश्त को तेज करने और मानसिक थकान दूर करने के लिए डाइट में कुछ खास सुपरफूड्स को शामिल करना फायदेमंद साबित हो सकता है। ये न सिर्फ दिमागी क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करते हैं।
ड्राई फ्रूट्स हैं दिमाग के लिए वरदान
बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसे ड्राई फ्रूट्स ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। अखरोट दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद करता है, जबकि बादाम मस्तिष्क की कोशिकाओं के बीच संचार को बेहतर बनाता है। इन्हें भिगोकर और सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।
हरी पत्तेदार सब्जियां और बीज
पालक और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियां मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करती हैं। इनमें मौजूद विटामिन-के, फोलेट और अन्य पोषक तत्व याददाश्त को मजबूत बनाते हैं। कद्दू और सूरजमुखी के बीज जिंक और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं, जो तंत्रिका तंत्र को मजबूती देते हैं।
हल्दी और एवोकाडो का लाभ
हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन दिमाग की सूजन को कम करता है और अल्जाइमर जैसी बीमारियों के खतरे को घटा सकता है। वहीं एवोकाडो में मौजूद स्वस्थ वसा मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाकर एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है।
नॉन-वेज और बेरीज भी फायदेमंद
मांसाहार करने वालों के लिए साल्मन और टूना जैसी फैटी फिश ओमेगा-3 का बेहतरीन स्रोत हैं। अंडा भी कोलीन से भरपूर होता है, जो मेमोरी और मूड को संतुलित रखता है। वहीं ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी जैसे फल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो दिमागी कोशिकाओं को सुरक्षित रखते हैं।
पर्याप्त नींद और व्यायाम भी जरूरी
सिर्फ सही खान-पान ही नहीं, बल्कि पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम भी तेज दिमाग के लिए बेहद जरूरी है। संतुलित जीवनशैली अपनाकर ही याददाश्त को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखा जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. इस तरह की किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें
