हरियाणा राज्यसभा चुनाव: तीसरे प्रत्याशी के रूप में सतीश नांदल ने भरा नामांकन, मुकाबला रोचक होने के आसार
चंडीगढ़: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से संजय भाटिया, कांग्रेस की ओर से कर्मवीर सिंह बौद्ध और तीसरे उम्मीदवार के रूप में निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल ने नामांकन दाखिल कर दिया है। तीन प्रत्याशियों के मैदान में आने से चुनाव को लेकर सियासी हलचल बढ़ गई है।
भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने भी विधानसभा पहुंचकर नामांकन किया, जहां उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कांग्रेस के कई विधायक मौजूद रहे।
इधर रोहतक के बोहर गांव निवासी सतीश नांदल ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन भरा। उनके साथ निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल, देवेंद्र कादियान और राजेश जून भी विधानसभा पहुंचे। नामांकन से पहले नांदल ने कहा कि कुछ विधायकों की सोच थी कि एक स्वतंत्र उम्मीदवार भी मैदान में होना चाहिए, इसलिए उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
कौन हैं सतीश नांदल
सतीश नांदल शिवाल्या कंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं और सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं। वे पहले इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से जुड़े रहे और रोहतक के गढ़ी सांपला किलोई क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ तीन बार चुनाव भी लड़ चुके हैं। बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। उनके पास करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्ति भी बताई जाती है।
कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध
कर्मवीर सिंह बौद्ध हरियाणा सिविल सचिवालय से प्रशासनिक अधिकारी (एडीओ) के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे अनुसूचित जाति समाज से आते हैं और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। कांग्रेस ने सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक सक्रियता को ध्यान में रखते हुए उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया
पानीपत निवासी संजय भाटिया छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं और एबीवीपी से जुड़े रहे। वे 2019 में करनाल से लोकसभा सांसद चुने गए थे और उस चुनाव में उनकी जीत का अंतर देश में दूसरे नंबर पर रहा था। टिकट कटने के बाद से वे संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय थे।
राज्यसभा चुनाव का गणित
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इनेलो के 2 विधायक शामिल हैं। राज्यसभा की दो सीटों के लिए जीत का कोटा 31 वोट है। मौजूदा गणित के अनुसार भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीट मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है, हालांकि तीसरे उम्मीदवार के मैदान में आने से राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनी हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर किसी भी दल ने अतिरिक्त उम्मीदवार उतारा या क्रॉस वोटिंग हुई, तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। फिलहाल सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
