गुरु किसे कहते हैं ? गुरु का अर्थ होता है, सिखाने वाला या शिक्षा देने वाला। पर यहॉं कौन सी शिक्षा की बात हो रही है ? बाहर की शिक्षा की या आंतरिक शिक्षा; शरीर की शिक्षा या आत्मा की शिक्षा; जन्म-मृत्यु के चक्र में लाने की शिक्षा या जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होने की शिक्षा; दुख-सुख की शिक्षा या आनंद की शिक्षा । ये जो बाहर संसार के विषय तेरे अंदर ना जाए, उसकी शिक्षा देने के लिए जो गुरु मिलता है उसको हमने ब्रह्म गुरु कहा । ब्रह्म गुरु यानी वो गुरु जो गॉड या ईश्वर की ओर ले जाए, उसकी शिक्षा दे; ऐसा मार्गदर्शक जो गॉड या ईश्वर की तरफ ले जाए और उसी के साथ मिलन को गुरु पूर्णिमा कहा कि पूर्ण गुरु मिल गया । गुरु पूर्णिमा का दिन यही संदेश देता है कि तू इस माया या संसार में उलझा है; तू माया या संसार के विषयों में उलझा है, कब तू पूर्ण की तरफ जाएगा । पूर्ण यानी परमात्मा जिसने तुझे बनाया और जो तुझे चला रहा है । उस परमात्मा की तरफ जाने के लिए ये पर्व या उत्सव मनाया जाता है । बाकी इसका और कोई मकसद नहीं है कि तू गुरु को फूल चढ़ाए या कुछ भी कर । गुरु पूर्णिमा का मकसद यही है कि यदि तू पूरे साल भर कहीं भटक गया तो आज के दिन तू अपनी यात्रा को कहीं पूर्ण गुरु की तरफ ले चल ।
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