अमृतसर: अमृतसर के राजिंदर नगर इलाके में उस समय धार्मिक भावनाएं आहत हो गईं जब एक सिख परिवार के घर में गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश पहली मंज़िल पर किया गया था, जबकि नीचे शराब और बीयर की बोतलें पाई गईं। इस पर सत्कार कमेटी और धर्म प्रचार कमेटी ने कड़ा संज्ञान लिया और गुरु महाराज के स्वरूप को सम्मानपूर्वक घर से गुरुद्वारा रामसर साहिब ले जाया गया।
इस कार्रवाई में सत्कार कमेटी के प्रमुख बलबीर सिंह मुच्छल ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि जसबीर सिंह और अमृतपाल नामक दो भाइयों ने अपने घर पर गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया है, लेकिन उसी घर में भारी मात्रा में शराब भी रखी गई थी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि गुरु का प्रकाश घर की एक महिला द्वारा किया गया, जो स्वयं अमृतधारी नहीं थी और बिस्तर पर ही गुरु का प्रकाश कर रही थी, जोकि मर्यादा के पूर्ण रूप से खिलाफ है।
सत्कार कमेटी और धर्म प्रचार कमेटी के सिंहों ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया कि स्वरूप को वहां से हटाकर उसे उचित स्थान, गुरुद्वारा रामसर साहिब में स्थापित किया जाए।
कमेटी ने संगत से अपील की है कि गुरु महाराज के स्वरूप को घर में रखने से पहले शिष्टाचार और धार्मिक मर्यादा का पूरा ध्यान रखें। यदि किसी कारणवश यह संभव न हो तो सत्कार कमेटी को सूचित करें, जो स्वयं आकर गुरु का स्वरूप उचित स्थान पर स्थापित करेगी।
