पाकिस्तान से लौटीं बच्चों की दादी मां, अटारी बॉर्डर पर उमड़ा भावनाओं का सैलाब
कहा कि एक महीने के वीजे पर पाकिस्तान रिश्तेदारों से मिलने के लिए गई थी लेकिन दस दिन बाद वापिस लौटना पड़ा
कहा कि दिल में दुख है कि यह जो घटना घटी ऐसा नहीं होना चाहिए।
परिवार ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि हमारी मां अपने घर वापिस लौट आई
अमृतसर/अटारी – अमृतसर के अटारी बॉर्डर पर आज का दिन बेहद भावुक और खास रहा, जब पाकिस्तान से लौटीं दादी मां जैनब को देखकर उनके पोते-पोतियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जैसे ही जैनब बॉर्डर पार कर भारत पहुंचीं, बच्चों की मासूम आवाज गूंज उठी – “दादी आ गई, दादी आ गई!”
जैनब कुछ समय पहले अपने रिश्तेदारों से मिलने पाकिस्तान गई थीं। सीमा पार का यह सफर उनके लिए भावनात्मक था, लेकिन सबसे खास पल वह था जब वे अपने परिवार के पास लौटकर आईं।
जैनब के बेटे, बहू और पोते-पोतियाँ आज सुबह से ही अटारी बॉर्डर पर उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। जैसे ही वह नजर आईं, परिवार के चेहरे खिल उठे और बच्चों ने दौड़कर उन्हें गले लगा लिया। इस पल ने वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम कर दीं।
परिवार ने बताया कि जैनब का पाकिस्तान दौरा बेहद खास रहा, लेकिन उनका वापस आना सबसे बड़ी खुशी है। जैनब ने भी कहा कि अपने वतन लौटने और बच्चों को सीने से लगाने का एहसास शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
बॉर्डर पर ऐसे भावुक मिलन के दृश्य यह दर्शाते हैं कि भले ही देश की सीमाएं बंट चुकी हों, लेकिन दिलों के रिश्ते अब भी जिंदा हैं। जैनब और उनके परिवार की यह मुलाकात इस बात की मिसाल बन गई कि प्यार और अपनापन किसी सरहद का मोहताज नहीं होता।
