लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की हार पर सौरव गांगुली ने जताई नाराज़गी: “थोड़ी सी भी लड़ाई होती तो मैच जीत सकते थे”

नई दिल्ली: हाल ही में लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में भारत की बल्लेबाज़ी पूरी तरह से धराशायी हो गई। 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम मात्र 170 रनों पर ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड के खिलाफ 22 रन से हार गई। इस हार के बाद क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है।

गांगुली ने कहा, “थोड़ा निराश हूं। जिस तरह से भारत ने इस सीरीज़ में बल्लेबाज़ी की है, उन्हें ये 190 रन तो बनाने ही चाहिए थे। जब आप जडेजा को संघर्ष करते हुए रन बनाते देखते हैं तो यह साबित होता है कि टीम में बल्लेबाज़ी की क्वालिटी है। खिलाड़ियों को मुझसे ज़्यादा निराशा होगी क्योंकि यह इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से बढ़त लेने का एक सुनहरा मौका था।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर टॉप ऑर्डर में थोड़ा भी संघर्ष दिखता तो यह मैच भारत जीत सकता था।”

गांगुली ने रविंद्र जडेजा को बताया ‘स्पेशल खिलाड़ी’
सौरव गांगुली ने ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की तारीफ करते हुए कहा,
“जडेजा एक शानदार खिलाड़ी हैं। जब तक वो ऐसे प्रदर्शन करते रहेंगे, टीम इंडिया में उनका स्थान पक्का रहेगा। उन्होंने 80 से अधिक टेस्ट और 200 से ज्यादा वनडे खेले हैं। उनकी बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फील्डिंग को देखकर लगता है कि वह टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। पिछले कुछ वर्षों में उनकी बल्लेबाज़ी में काफ़ी सुधार आया है और अनुभव के साथ वे और बेहतर हुए हैं।”

दूसरे ऑलराउंडर्स के खराब प्रदर्शन पर चिंता
वहीं, कोच गौतम गंभीर को टीम के अन्य दो ऑलराउंडर्स – वॉशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी – के खराब प्रदर्शन से निराशा हाथ लगी होगी। सुंदर बिना खाता खोले चार गेंदों पर आउट हो गए, जबकि नितीश कुमार ने 53 गेंदों पर मात्र 13 रन बनाए।

इस प्रदर्शन ने टीम की बल्लेबाज़ी गहराई और मानसिक दृढ़ता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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