- रिपोर्ट: मंजय वर्मा
नई दिल्ली: गंगा दशहरा 2025, श्रद्धा, भक्ति और पुण्य का महापर्व – 5 जून को पूरे देश में मनाया जाएगा। गंगा अवतरण का पर्व: 5 जून को ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाएगा।
- गंगा दशहरा 5 जून 2025, बुधवार को मनाया जाएगा
- यह पर्व ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है
- गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की स्मृति में मनाया जाता है यह पर्व
- पवित्र स्नान, दान और पूजन के लिए अत्यंत शुभ दिन
🔶 पौराणिक कथा: राजा भागीरथ की तपस्या और गंगा का धरती पर आगमन
- राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति हेतु की थी कठोर तपस्या
- भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में समेटा और धीरे-धीरे धरती पर प्रवाहित किया
- इसी घटना की स्मृति में गंगा दशहरा मनाया जाता है
🔶 गंगा स्नान का महत्व: दस प्रकार के पापों से मिलती है मुक्ति
- गंगा दशहरा पर गंगा स्नान से तीन शारीरिक, चार वाचिक और तीन मानसिक पाप नष्ट होते हैं
- यह दिन आत्मशुद्धि और पाप नाश के लिए विशेष माना गया है
🔶 गंगा दशहरा के मुख्य अनुष्ठान: क्या करें इस दिन?
- पवित्र नदी या गंगा में स्नान करें
- शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करें
- तुलसी को जल अर्पित करें
- हवन करें और ब्राह्मणों को भोजन व दक्षिणा दें
- घर में गंगाजल का छिड़काव कर शुद्धिकरण करें
🔶 सबसे पुण्यकारी दान: इन 10 वस्तुओं का करें दान
- जल
- वस्त्र
- अन्न
- तिल
- शक्कर
- घी
- पंखा
- फल
- चप्पल
- धन
🔶 तिथि और मुहूर्त: कब है पुण्य काल?
- दशमी तिथि प्रारंभ: 4 जून रात 11:36 बजे
- दशमी तिथि समाप्त: 5 जून रात 1:29 बजे
- उदया तिथि 5 जून को होने से पर्व इसी दिन मनाया जाएगा
- पुण्य काल: सूर्योदय से दोपहर 12:30 बजे तक
🔶 इस दिन रखें विशेष सावधानियाँ और नियमों का पालन करें
- ब्रह्मचर्य का पालन करें
- सात्विक भोजन करें, तामसिक चीज़ों से बचें
- अपशब्दों से परहेज करें
- मन, वचन और कर्म से पवित्रता बनाए रखें
- जल का दान करना अति फलदायक माना जाता है
🔶 देशभर के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़
- हरिद्वार, वाराणसी, प्रयागराज, गंगासागर जैसे तीर्थों पर लाखों श्रद्धालु एकत्र होते हैं
- गंगा आरती, कथा, भजन, भंडारे और हवन जैसे आयोजन होते हैं
🔶 ग्रामीण परंपराएं: गंगाजल का घर में महत्व
- ग्रामीण क्षेत्रों में मान्यता है कि गंगाजल पूरे वर्ष नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है
- तुलसी पर जल चढ़ाने, आंगन में गोबर से लिपाई करने और गंगाजल से शुद्धिकरण करने की परंपरा
- कीर्तन, झांकी, भजन मंडली जैसे आयोजन ग्रामीण इलाकों में आम
🔶 ज्योतिषीय उपाय: जीवन में सुख-शांति के लिए करें ये कर्म
- ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें
- पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं और परिक्रमा करें
- पितरों के नाम पर तर्पण करें
- शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करें – इससे मानसिक शांति और स्वास्थ्य में लाभ होता है
📌 संक्षिप्त जानकारी – एक नजर में
- पर्व का नाम: गंगा दशहरा
- तिथि: 5 जून 2025, बुधवार
- दशमी तिथि प्रारंभ: 4 जून रात 11:36 बजे
- दशमी तिथि समाप्त: 5 जून रात 1:29 बजे
- पुण्यकाल: 5 जून सूर्योदय से दोपहर 12:30 बजे तक
- मुख्य कार्य: गंगा स्नान, दान, व्रत, शिव पूजन, तर्पण
✨ गंगा दशहरा पर श्रद्धा से किए गए कर्म न केवल आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी लाते हैं।
